फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ की पुण्यतिथि पर राष्ट्र ने किया नमन, अद्वितीय सैन्य नेतृत्व को किया याद

नई दिल्ली। भारतीय सेना के प्रथम फील्ड मार्शल एवं 1971 के भारत-पाक युद्ध में ऐतिहासिक विजय के शिल्पी रहे सैम होर्मुसजी फ्रेमजी जमशेदजी मानेकशॉ की पुण्यतिथि पर देशभर में उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। सैन्य अधिकारियों, पूर्व सैनिकों, विभिन्न संगठनों और नागरिकों ने उनके अद्वितीय नेतृत्व, राष्ट्रभक्ति और भारतीय सेना के आधुनिकीकरण में दिए गए योगदान को याद करते हुए उन्हें नमन किया।

श्रद्धांजलि संदेशों में कहा गया कि फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ केवल एक कुशल सैन्य अधिकारी ही नहीं, बल्कि दूरदर्शी रणनीतिकार और प्रेरणादायी नेतृत्व के प्रतीक थे। उनके नेतृत्व में वर्ष 1971 के भारत-पाक युद्ध में भारतीय सेना ने ऐतिहासिक विजय हासिल की, जिसके परिणामस्वरूप बांग्लादेश का गठन हुआ। यह विजय भारतीय सैन्य इतिहास की सबसे गौरवपूर्ण उपलब्धियों में से एक मानी जाती है।

वक्ताओं ने कहा कि सैम मानेकशॉ ने अपने पूरे सैन्य जीवन में साहस, अनुशासन, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल पेश की। कठिन परिस्थितियों में भी उनके आत्मविश्वास और स्पष्ट निर्णय क्षमता ने भारतीय सेना का मनोबल हमेशा ऊंचा बनाए रखा। सैनिकों के प्रति उनका अपनापन और नेतृत्व शैली आज भी सैन्य अधिकारियों के लिए प्रेरणा का विषय है।

श्रद्धांजलि कार्यक्रमों में उनके राष्ट्र के प्रति समर्पण, नेतृत्व क्षमता और उत्कृष्ट सैन्य सेवाओं को याद करते हुए कहा गया कि देश हमेशा उनका ऋणी रहेगा। उनके जीवन से यह सीख मिलती है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, अनुशासन और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखकर असंभव लक्ष्य भी प्राप्त किए जा सकते हैं।

देशभर में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों के दौरान लोगों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ की गौरवशाली विरासत आने वाली पीढ़ियों को सदैव राष्ट्रसेवा, नेतृत्व और कर्तव्यपरायणता की प्रेरणा देती रहेगी।

वाराणसी ब्यूरो चीफ-अमर शर्मा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!