वाराणसी। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण गंगा और वरुणा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। जलस्तर में लगातार वृद्धि को देखते हुए जिला प्रशासन ने घाटों और तटवर्ती क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है। एनडीआरएफ, जल पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
शुक्रवार को गंगा का जलस्तर बढ़कर 62.72 मीटर दर्ज किया गया। बढ़ते पानी के कारण कई घाटों की निचली सीढ़ियां, चबूतरे और छोटे मंदिर जलमग्न हो गए हैं। शिवाला घाट का संपर्क आसपास के घाटों से प्रभावित हुआ है, जबकि हरिश्चंद्र घाट पर शवदाह स्थल तक पानी पहुंचने के बाद प्रशासन ने एहतियाती व्यवस्था शुरू कर दी है।
उधर, वरुणा नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। पुरानापुल के भट्टा पुलकोहना क्षेत्र में नदी का पानी आबादी वाले हिस्सों की ओर बढ़ने लगा है, जिससे निचले इलाकों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि, प्रशासन का कहना है कि फिलहाल जलस्तर चेतावनी और खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
प्रशासन ने गंगा किनारे रहने वाले लोगों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से नदी के पास न जाएं और सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करें। साथ ही सभी संबंधित विभागों को संभावित आपदा से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों के अनुसार, यदि पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला जारी रहता है तो अगले कुछ दिनों में जलस्तर में और बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके।









