प्रयागराज। ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी के जरिए कथित तौर पर लोगों से रकम ऐंठने वाले गिरोह का उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने पर्दाफाश किया है। टीम ने प्रयागराज के मेजा इलाके में कार्रवाई करते हुए चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए लोगों में वाराणसी के डीएलडब्ल्यू क्षेत्र का 20 वर्षीय युवक भी शामिल है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मेजा निवासी बृजेश कुमार सिंह उर्फ टीटू, वाराणसी निवासी अभिषेक कुमार, मेजा क्षेत्र के प्रिन्स कुमार उर्फ गौतम और छत्तीसगढ़ के रायगढ़ निवासी मितेश प्रधान के रूप में हुई है।
फर्जी दस्तावेजों से तैयार किए जा रहे थे खाते
एसटीएफ की जांच में सामने आया कि कथित गिरोह ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी के लिए एक वेबसाइट का इस्तेमाल कर रहा था। आरोप है कि लेनदेन को अंजाम देने के लिए फर्जी दस्तावेजों पर सिम कार्ड सक्रिय कराए जाते थे। इन्हीं मोबाइल नंबरों के जरिए बैंक खाते और यूपीआई आईडी तैयार कर रकम का लेनदेन किया जाता था।
गिरोह में शामिल लोग अलग-अलग मोबाइल फोन और बैंक खातों का इस्तेमाल करते थे, जिससे ऑनलाइन लेनदेन का पूरा नेटवर्क संचालित किया जा सके।
छापेमारी में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का जखीरा
कार्रवाई के दौरान एसटीएफ ने आरोपियों के कब्जे से कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दस्तावेज बरामद किए। इनमें लैपटॉप, टैबलेट, स्मार्टफोन, 33 सिम कार्ड, यूपीआई क्यूआर कोड, क्यूआर साउंड बॉक्स और डेबिट-क्रेडिट कार्ड शामिल हैं।
इसके अलावा आधार कार्ड, ऑप्टिकल फिंगर स्कैनर, जियो एयर फाइबर सेट, रजिस्टर और 23 हजार रुपये नकद भी बरामद किए गए। जांच टीम को ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी से जुड़े स्क्रीनशॉट भी मिले हैं।
व्हाट्सऐप ग्रुप में भेजे जाते थे लेनदेन के स्क्रीनशॉट
पूछताछ में मुख्य आरोपी बृजेश ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि वह अपने साथियों के साथ कई महीनों से ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी से जुड़ा काम कर रहा था। आरोप है कि गिरोह दूसरे लोगों के दस्तावेजों पर तैयार किए गए मोबाइल नंबरों और खातों का इस्तेमाल करता था।
एसटीएफ के मुताबिक, ऑनलाइन लेनदेन पूरा होने के बाद उसके स्क्रीनशॉट सट्टेबाजी से जुड़े व्हाट्सऐप ग्रुपों में साझा किए जाते थे। गिरोह कथित तौर पर सट्टा लगाने वाले लोगों से रकम हासिल करता और बाद में कमाई को आपस में बांट लेता था।
IT एक्ट के तहत भी मुकदमा
एसटीएफ की कार्रवाई के बाद चारों आरोपियों के खिलाफ मेजा कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66C और 66D के तहत कार्रवाई की है।
अब पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, इस्तेमाल किए जा रहे बैंक खातों और ऑनलाइन लेनदेन की कड़ियों की जांच कर रही है।






















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