चंदौली। मुगलसराय में अपराधियों और वांछित अभियुक्तों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत अलीनगर थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। खजूर गांव में हुई फायरिंग और जानलेवा हमले की घटना में शामिल तीन शातिर बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त बुलेट मोटरसाइकिल, एक अवैध तमंचा और कारतूस बरामद किए गए हैं।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि पूरे विवाद की जड़ एक युवती से जुड़ा प्रेम प्रसंग और पुरानी रंजिश थी। आरोपी रवि किशन यादव की गांव की एक युवती से दोस्ती थी, लेकिन बाद में युवती की बातचीत खजूर गांव निवासी रितेश पासवान से होने लगी। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में तनाव बढ़ गया। पुलिस के अनुसार, क्रिकेट खेलने के दौरान हुए पुराने विवाद ने भी इस दुश्मनी को और बढ़ा दिया था।
बताया गया कि 17 मई को दुर्गा पोखरे के पास आरोपी मौजूद थे। उसी दौरान रितेश से फोन पर कहासुनी हुई। गुस्से में आकर अंकित यादव, रवि किशन, विक्की और मृत्युंजय दो बुलेट मोटरसाइकिलों से रितेश के घर पहुंच गए। जब रितेश घर से बाहर नहीं निकला और छत से ही बातचीत करने लगा, तभी आरोपियों ने जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। गोली चलने से इलाके में हड़कंप मच गया, हालांकि रितेश बाल-बाल बच गया।
घटना के बाद सभी आरोपी फरार होकर बिहार के बक्सर जिले के राजपुर थाना क्षेत्र स्थित कोचाड़ी गांव में छिप गए थे। शनिवार को मुखबिर की सूचना पर अलीनगर पुलिस ने ददवापर नहर पुलिया स्थित चंदरखा अंडरपास के पास घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान रवि किशन यादव के पास से 315 बोर का अवैध तमंचा, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा बरामद हुआ।
गिरफ्तार आरोपियों में अंकित यादव निवासी नाथुपुर थाना मुगलसराय, मृत्युंजय मौर्या उर्फ गुल्लू निवासी रस्तापुर (भीटी) थाना रामनगर वाराणसी और रवि किशन यादव निवासी नाथुपुर थाना मुगलसराय शामिल हैं।
पुलिस ने मुकदमा संख्या 302/26 में भारतीय न्याय संहिता की धारा 61 तथा 3/25 आर्म्स एक्ट की बढ़ोतरी करते हुए आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। कार्रवाई करने वाली टीम में अलीनगर प्रभारी निरीक्षक घनश्याम, जफरपुर चौकी प्रभारी सतीश चंद्र सिंह, उपनिरीक्षक गिरीश चंद्र राय, हेड कांस्टेबल प्रदुम्मन द्विवेदी, रामराज और इंद्रजीत यादव शामिल रहे।













