सहारनपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को सहारनपुर के उच्च प्राथमिक विद्यालय इस्माईलपुर (कम्पोजिट) से ‘स्कूल चलो अभियान 2026’ के दूसरे चरण का विधिवत शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने छात्र-छात्राओं से संवाद किया, विद्यालय में तैयार किए गए शैक्षणिक मॉडल देखे, बच्चों को अपने हाथों से मध्याह्न भोजन परोसा और उन्हें स्कूल बैग, पाठ्यपुस्तकें, स्टेशनरी तथा चॉकलेट वितरित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक बच्चे को शिक्षा से जोड़ना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है। कोई भी बच्चा विद्यालय से बाहर न रहे, इसके लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा।
कार्यक्रम की शुरुआत मंडलायुक्त डॉ. रूपेश कुमार द्वारा मुख्यमंत्री का स्वागत और भगवान गणेश की प्रतिमा भेंट करने के साथ हुई। इसके बाद मुख्यमंत्री ने विद्यालय परिसर में आयोजित विभिन्न गतिविधियों का अवलोकन किया। उन्होंने बच्चों द्वारा तैयार किए गए विज्ञान एवं शैक्षणिक मॉडल देखे और उनसे संबंधित प्रश्न पूछे। बच्चों ने आत्मविश्वास के साथ सभी सवालों के उत्तर दिए, जिसकी मुख्यमंत्री ने सराहना की।
विद्यालय में लगाए गए मीना मंच के स्टॉल पर मिशन शक्ति, महिला सशक्तिकरण और व्यावसायिक शिक्षा से जुड़े मॉडलों को भी प्रदर्शित किया गया। मुख्यमंत्री ने छात्राओं से संवाद करते हुए उनके कार्यों की प्रशंसा की। इस दौरान उन्होंने एक छात्रा से लौकी की पंजीरी बनाने की विधि पूछी। छात्रा द्वारा संतोषजनक उत्तर देने पर मुख्यमंत्री ने उसे आशीर्वाद दिया और उसकी हौसला अफजाई की।
भाषा कौशल विकास गतिविधि के दौरान मुख्यमंत्री ने एक छात्र कृष्णा से नए शब्द बनाकर पढ़ने को कहा। छात्र ने उत्साहपूर्वक कई नए शब्द बनाए और उनका सही उच्चारण भी किया। मुख्यमंत्री ने अन्य बच्चों से भी पाठ्यपुस्तकों का वाचन कराया और उनकी पढ़ने की क्षमता की सराहना की।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विद्यालय के मध्याह्न भोजन कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया। उन्होंने स्वयं बच्चों को तहरी और हलवा परोसकर उनके साथ समय बिताया। इसके बाद आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचकर दस बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार संपन्न कराया और सभी बच्चों को चॉकलेट वितरित की।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पांच छात्र-छात्राओं को प्रतीकात्मक रूप से स्कूल बैग, पाठ्यपुस्तकें, स्टेशनरी और चॉकलेट प्रदान की। इनमें उच्च प्राथमिक विद्यालय इस्माईलपुर के लवियांस, पीएम श्री विद्यालय बुड्ढाखेड़ा की साक्षी, मुख्यमंत्री अभ्युदय विद्यालय सढौली हरिया के आरव, प्राथमिक विद्यालय पांसर की अस्मिता तथा पीएम श्री विद्यालय तल्हेड़ी के छात्र रविंद्र शामिल रहे।
इस अवसर पर अभियान के प्रथम चरण में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पांच प्रधानाध्यापकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इनमें इंदू बेस, कुलदीप अरोड़ा, अश्विनी कुमार शर्मा, राज सिंह और मोहिनी पाल शामिल रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षकों की मेहनत और समर्पण से ही शिक्षा व्यवस्था मजबूत बन सकती है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मां शाकंभरी की पावन धरती से स्कूल चलो अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत होना सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि शिक्षा किसी भी व्यक्ति, समाज और राष्ट्र की सबसे मजबूत नींव होती है। अच्छी शिक्षा ही एक जिम्मेदार नागरिक तैयार करती है और देश को बेहतर भविष्य देती है। डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक, शिक्षक, प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि सभी शिक्षा के माध्यम से ही तैयार होते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में लगातार सुधार कर रही है। ऑपरेशन कायाकल्प के तहत सरकारी विद्यालयों में शौचालय, स्वच्छ पेयजल, बिजली, स्मार्ट क्लास, फर्नीचर, पुस्तकालय, खेल सामग्री और बेहतर मध्याह्न भोजन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। साथ ही बच्चों को निःशुल्क यूनिफॉर्म, जूते-मोजे, स्वेटर, पाठ्यपुस्तकें और स्कूल बैग भी दिए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि पिछले नौ वर्षों में बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में 60 लाख से अधिक नए बच्चों का नामांकन हुआ है और विद्यालय छोड़ने वाले बच्चों की संख्या में उल्लेखनीय कमी आई है। यह शिक्षा व्यवस्था में लोगों के बढ़ते विश्वास का परिणाम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत बच्चों को ‘लर्निंग बाय डूइंग’ की अवधारणा से जोड़ते हुए प्रारंभिक स्तर से ही कौशल आधारित शिक्षा दी जा रही है। प्रदेश के विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी, आईसीटी लैब और आधुनिक तकनीक का विस्तार किया जा रहा है। शिक्षकों को टैबलेट उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि पढ़ाई को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
उन्होंने दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए चलाई जा रही योजनाओं का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि डेढ़ लाख से अधिक दिव्यांग बच्चों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा चुके हैं। इसके अलावा हजारों गंभीर दिव्यांग बच्चों को एस्कॉर्ट एलाउंस तथा दिव्यांग छात्राओं को छात्रवृत्ति का लाभ दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में वृद्धि का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि शिक्षामित्रों का मानदेय 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 18 हजार रुपये तथा अनुदेशकों का मानदेय 9 हजार रुपये से बढ़ाकर 17 हजार रुपये प्रतिमाह किया गया है। साथ ही शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, प्रधानाचार्यों और रसोइयों के लिए पांच लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा भी जल्द लागू की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, ग्राम प्रधानों और समाज के जागरूक लोगों से अपील की कि अगले 15 दिनों तक विशेष नामांकन अभियान चलाकर प्रत्येक परिवार तक पहुंचें और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी बच्चा स्कूल जाने से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि बच्चों को गीत, कहानी, कविता, लोकोक्तियों और व्यवहारिक गतिविधियों के माध्यम से पढ़ाने की नई पद्धति अपनाई जाए, जिससे उनकी पढ़ाई रुचिकर और प्रभावी बन सके।
इस अवसर पर बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक परिवर्तन आया है। स्कूल चलो अभियान के तहत अब तक 20 लाख से अधिक नए बच्चों का नामांकन किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि सहारनपुर जनपद में अभियान के पहले चरण में 35 हजार से अधिक बच्चों का नामांकन हुआ था तथा बालिकाओं की सुरक्षा और आत्मरक्षा के लिए रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण अभियान भी संचालित किया जा रहा है।
कार्यक्रम में राज्यमंत्री जसवंत सैनी, राज्यमंत्री बृजेश सिंह, विधायक मुकेश चौधरी, पूर्व सांसद राघव लखनपाल शर्मा, पूर्व सांसद प्रदीप चौधरी, मंडलायुक्त डॉ. रूपेश कुमार, जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान, भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत राणा, एडी बेसिक आर.के. सिंह, बीएसए कोमल, शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक, अभिभावक तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।













