रायगढ़। स्मार्ट मीटर के विरोध में सोमवार को जिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस और एनएसयूआई ने संयुक्त रूप से प्रदर्शन किया। महात्मा गांधी चौक से कलेक्ट्रेट घेराव के लिए निकले कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बैरिकेडिंग कर पहले ही रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठ गए और राज्य सरकार तथा बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड्स पार कर आगे बढ़ने का प्रयास किया, लेकिन मौके पर तैनात पुलिस बल ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने वहीं धरना शुरू कर अपना विरोध जारी रखा।
प्रदर्शन में शामिल पूर्व मंत्री एवं खरसिया विधायक उमेश पटेल ने कहा कि प्रदेश की जनता सबसे अधिक बिजली विभाग की कार्यप्रणाली से परेशान है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में बिजली कटौती बढ़ी है और स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में लगातार वृद्धि हो रही है।
कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद कई उपभोक्ताओं के बिजली बिल पहले की तुलना में तीन से चार गुना तक बढ़ गए हैं। उनका कहना है कि इससे आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है। उन्होंने सरकार से स्मार्ट मीटर हटाकर पुनः सामान्य बिजली मीटर लगाने की मांग की।
पुलिस द्वारा आगे बढ़ने से रोके जाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स के सामने धरना दिया। इस दौरान उन्होंने फिल्मी गीतों की धुन पर नाच-गाकर विरोध दर्ज कराया, वाटर कैनन चलाने की मांग की और सरकार के खिलाफ नारे लगाए।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष शाखा यादव ने कहा कि कांग्रेस स्मार्ट मीटर के विरोध में लगातार अभियान चला रही है। उन्होंने बताया कि कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों से फॉर्म भरवा रहे हैं, ताकि स्मार्ट मीटर हटाकर सामान्य मीटर लगाए जा सकें।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के समय बिजली बिल हाफ योजना से लोगों को राहत मिलती थी, जबकि वर्तमान सरकार आम जनता के बजाय ठेकेदारों के हित में काम कर रही है। उन्होंने प्रदेशभर में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों को तत्काल हटाकर सामान्य मीटर लगाने की मांग दोहराई।













