वाराणसी। बृजेश गुप्ता नगर अध्यक्ष कांग्रेस मुगलसराय ने केंद्र सरकार द्वारा कराई जा रही जनगणना प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि जनगणना फॉर्म में शामिल कुछ बिंदुओं को लेकर लोगों के बीच भ्रम और आशंकाएं पैदा हो रही हैं, जिन पर सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
बृजेश गुप्ता ने कहा कि वर्तमान में मकान एवं जनगणना का कार्य चल रहा है। प्रारंभिक चरण में स्वगणना की प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन तकनीकी समस्याओं और सर्वर संबंधी दिक्कतों के कारण यह पूरी तरह सफल नहीं हो सकी। इसके बाद अब घर-घर जाकर जनगणना का कार्य किया जा रहा है, जिसके तहत नागरिकों से विभिन्न जानकारियां एकत्र की जा रही हैं।
उन्होंने दावा किया कि जनगणना फॉर्म के एक बिंदु में परिवार के मुखिया की श्रेणी संबंधी जानकारी मांगी जा रही है, जिसमें अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) का अलग उल्लेख है, जबकि अन्य वर्गों को एक साथ रखा गया है। कांग्रेस का आरोप है कि इस व्यवस्था को लेकर ओबीसी वर्ग के बीच सवाल उठ रहे हैं और सरकार को इस विषय में स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

शहर कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यदि जनगणना का उद्देश्य सभी वर्गों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति का सही आकलन करना है, तो अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), सामान्य वर्ग और ट्रांसजेंडर समुदाय की अलग-अलग श्रेणियां स्पष्ट रूप से दर्शाई जानी चाहिए थीं। उन्होंने कहा कि इस विषय पर समाज के विभिन्न वर्गों में चर्चा हो रही है और सरकार को अपनी मंशा स्पष्ट करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस लंबे समय से सामाजिक न्याय और जनसंख्या के अनुपात में भागीदारी की मांग उठाती रही है। इसी क्रम में लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi भी कई बार जातिगत आंकड़ों और सामाजिक प्रतिनिधित्व के मुद्दे को प्रमुखता से उठा चुके हैं।
कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार से जनगणना प्रक्रिया में अपनाए गए प्रारूप और वर्गीकरण को लेकर विस्तृत स्पष्टीकरण जारी करने की मांग की है, ताकि किसी भी प्रकार की भ्रांति या आशंका को दूर किया जा सके।













