नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर आयोजित एक प्रदर्शन के दौरान दिए गए कथित विवादित बयान को लेकर कानूनी कार्रवाई शुरू हो गई है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। अब संबंधित वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान रुचिका सिंह पर प्रधानमंत्री के संबंध में कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया है। इस संबंध में गाजियाबाद निवासी अधिवक्ता स्मृति सिंह ने शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि देश के प्रधानमंत्री का पद संवैधानिक गरिमा का प्रतीक है और इस तरह की कथित टिप्पणियां सार्वजनिक भावनाओं को प्रभावित कर सकती हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले से जुड़े वीडियो, सोशल मीडिया सामग्री और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही यह तय किया जाएगा कि मामले में आगे कौन-सी कानूनी धाराएं लागू होंगी और क्या कार्रवाई की जाएगी।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी आपराधिक मामले में केवल शिकायत के आधार पर दोष तय नहीं किया जा सकता। आरोपों की पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी, जिसके बाद ही न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
फिलहाल पुलिस ने मामले में जांच जारी होने की पुष्टि की है और कहा है कि सभी तथ्यों का निष्पक्ष परीक्षण करने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसलिए इस मामले में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच के परिणाम का इंतजार किया जाना चाहिए।









