चंदौली। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) को लेकर एक बार फिर सियासी हलचल तेज होती नजर आ रही है। निषाद पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष और वाराणसी मंडल सह-समन्वयक चंदन सिंह राजपूत ने EWS वर्ग के लिए राजनीतिक आरक्षण की मांग उठाते हुए सरकार से ठोस कदम उठाने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि EWS वर्ग को शिक्षा और सरकारी नौकरियों में आरक्षण का लाभ तो मिल रहा है, लेकिन राजनीतिक प्रतिनिधित्व के स्तर पर यह वर्ग अब भी पीछे है। उनका मानना है कि जब तक लोकसभा और विधानसभा में EWS के लिए सीटें आरक्षित नहीं की जाएंगी, तब तक सामाजिक न्याय की अवधारणा अधूरी ही रहेगी।
राजपूत ने यह भी कहा कि सामान्य वर्ग के भीतर बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं, जो आर्थिक रूप से कमजोर होने के बावजूद प्रभावशाली वर्ग के दबाव में अपने अधिकारों से वंचित रह जाते हैं। इसके चलते मिडिल क्लास और EWS वर्ग को समान अवसर नहीं मिल पा रहा है।
उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों से मांग की कि EWS वर्ग को राजनीतिक आरक्षण देकर उन्हें नीति निर्माण की मुख्यधारा में शामिल किया जाए। उनके अनुसार, यह कदम सामाजिक संतुलन और समावेशी विकास को मजबूत करेगा।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि इस मुद्दे को व्यापक जनसमर्थन मिलता है, तो आने वाले चुनावों में यह एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकता है, खासकर उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में, जहां सामाजिक समीकरण चुनावी परिणामों को सीधे प्रभावित करते हैं।









