लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को जून महीने से अधिक बिजली बिल चुकाना पड़ सकता है। बिजली विभाग ने ‘ईंधन एवं विद्युत क्रय समायोजन अधिभार’ (फ्यूल सरचार्ज) के तहत बिजली बिलों में अतिरिक्त शुल्क जोड़ने का फैसला किया है, जिससे उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा।
जानकारी के अनुसार, बिजली उत्पादन और खरीद लागत में बढ़ोतरी के चलते यह अतिरिक्त अधिभार लगाया जा रहा है। इसका असर घरेलू, व्यावसायिक और अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं के बिजली बिलों पर दिखाई देगा। जून माह में जारी होने वाले बिलों में यह अतिरिक्त शुल्क शामिल किया जाएगा।
बिजली विभाग के इस निर्णय के बाद उपभोक्ताओं को नियमित बिल के साथ अतिरिक्त राशि भी अदा करनी होगी। ऐसे समय में जब कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति और कटौती को लेकर उपभोक्ता पहले से परेशान हैं, यह फैसला लोगों की चिंता बढ़ाने वाला माना जा रहा है।
बिजली दरों में वृद्धि की खबर सामने आने के बाद उपभोक्ताओं में नाराजगी भी देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि पर्याप्त बिजली आपूर्ति नहीं मिलने के बावजूद लगातार बिलों का बोझ बढ़ाया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) की ओर से लागू किए गए इस प्रावधान के तहत जून माह के बिजली बिलों में अतिरिक्त अधिभार जोड़ा जाएगा, जिसका सीधा असर लाखों उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा।









