रायगढ़। खरीफ सीजन की तैयारियों के बीच कृषि विभाग द्वारा जिले में 1 जून से 15 जून तक ‘खेत बचाओ अभियान’ चलाया जा रहा है। अभियान के तहत कृषि वैज्ञानिक और विभागीय अधिकारी गांव-गांव पहुंचकर किसानों को टिकाऊ, वैज्ञानिक और लाभकारी खेती की तकनीकों की जानकारी दे रहे हैं।
इसी कड़ी में लैलूंगा विकासखंड के ग्राम पहाड़ लुड़ेग में कृषि चौपाल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कृषि अधिकारियों ने किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और आधुनिक कृषि तकनीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
चौपाल में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, पीएम-आशा योजना और सुगंधित जवांफूल धान की खेती के विस्तार पर विशेष चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि जवांफूल धान की बाजार में अच्छी मांग है और किसानों को इसका बेहतर मूल्य मिल रहा है, इसलिए इसके रकबे में वृद्धि करने की आवश्यकता है।
कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए भी प्रेरित किया। इस दौरान हरी खाद, ढैंचा, बीजी कल्चर, गोबर खाद और जीवामृत के उपयोग से मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने तथा खेती की लागत कम करने के उपाय बताए गए। साथ ही फसल प्रबंधन और मृदा स्वास्थ्य संरक्षण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां भी साझा की गईं।
कार्यक्रम में जनपद सदस्य, सरपंच प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। किसानों ने कृषि वैज्ञानिकों और अधिकारियों से सीधे संवाद कर अपनी समस्याओं और जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अभियान के तहत जिले के विभिन्न गांवों में लगातार चौपाल, प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि किसानों को आधुनिक तकनीक और प्राकृतिक खेती के समन्वय से बेहतर उत्पादन और अधिक आय प्राप्त हो सके।













