पटना। बिहार में नई सरकार के गठन के बाद अपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस की कार्रवाई तेज होती नजर आ रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के सख्त रुख के बाद राज्यभर में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान ने गति पकड़ ली है। पिछले 18 दिनों में बिहार के विभिन्न क्षेत्रों में पुलिस द्वारा पांच बड़े एनकाउंटर किए गए हैं।
ताजा मामला सीवान जिले का है, जहां चर्चित हर्ष सिंह हत्याकांड के मुख्य आरोपी सोनू यादव को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया। पुलिस के अनुसार आरोपी ने घेराबंदी के दौरान फायरिंग की, जिसके जवाब में हुई कार्रवाई में उसकी मौत हो गई।
इससे पहले इसी मामले में एक अन्य आरोपी छोटू यादव को पुलिस ने घायल कर गिरफ्तार किया था।
भागलपुर में नगर परिषद सभापति पर हुए हमले के मुख्य आरोपी रामधनी यादव की भी पुलिस मुठभेड़ में मौत हो चुकी है। वहीं पटना और नवादा में भी ज्वेलरी लूट तथा हत्या जैसे मामलों में वांछित अपराधियों को पुलिस ने मुठभेड़ में घायल कर गिरफ्तार किया।
इन कार्रवाइयों में कई इनामी और हिस्ट्रीशीटर अपराधियों को निशाना बनाया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
लगातार हो रही मुठभेड़ों को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है। सरकार इसे अपराध नियंत्रण की सख्त नीति बता रही है, जबकि विपक्ष निष्पक्षता और कानून व्यवस्था पर सवाल उठा रहा है।
फिलहाल बिहार में अपराधियों के खिलाफ पुलिस की सक्रियता ने स्पष्ट संकेत दिया है कि राज्य में कानून व्यवस्था को लेकर सरकार सख्त रुख अपनाए हुए है।













