नई दिल्ली/जशपुर। जनजाति सुरक्षा मंच के राष्ट्रीय संयोजक एवं छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री गणेश राम भगत ने बुधवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर धर्मांतरित जनजातियों को अनुसूचित जनजाति (ST) सूची से बाहर करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।
राष्ट्रपति भवन में हुई इस मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति को आदिवासी प्रतीक चिन्ह और पारंपरिक गमछा भेंट किया। बातचीत के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू ने छत्तीसगढ़ से जुड़ी पुरानी स्मृतियों को भी साझा किया।
गणेश राम भगत ने बताया कि जनजाति सुरक्षा मंच वर्ष 2006 से इस मांग को लेकर देशभर में आंदोलन कर रहा है। मंच का कहना है कि धर्म परिवर्तन कर चुके लोगों को ST सूची से डीलिस्ट किया जाना चाहिए। इस मुद्दे को लेकर देश के विभिन्न राज्यों में लगातार जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
इससे पहले 24 मई को दिल्ली के लालकिला मैदान में जनजाति सांस्कृतिक समागम आयोजित किया गया था, जिसमें देशभर से बड़ी संख्या में जनजातीय समुदाय के लोग शामिल हुए थे। आयोजन को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी इसे “जनजातीय कुंभ” की संज्ञा दी थी।
राष्ट्रपति से मुलाकात के दौरान देश के विभिन्न राज्यों से आए जनजाति प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।









