चंदौली। प्रदेश सरकार के निर्देश पर सार्वजनिक भूमि और जलस्रोतों को अतिक्रमण मुक्त कराने के अभियान के तहत शनिवार को चंदौली के अलीनगर क्षेत्र में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तालाब की भूमि पर किए गए अवैध कब्जे को ध्वस्त कर दिया। उप जिलाधिकारी (एसडीएम) राजीव मोहन सक्सेना की मौजूदगी में राजस्व विभाग, पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने जेसीबी मशीनों की मदद से अवैध निर्माण हटाया।
सुबह से ही प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंच गई थी। कार्रवाई से पहले भूमि की पैमाइश कराई गई और राजस्व अभिलेखों का सत्यापन किया गया। जांच में स्पष्ट हुआ कि संबंधित भूमि सरकारी रिकॉर्ड में तालाब के रूप में दर्ज है, जिस पर कुछ लोगों ने अवैध रूप से कब्जा कर निर्माण कार्य करा लिया था।
प्रशासन ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच कराई गई थी। अवैध कब्जे की पुष्टि होने पर संबंधित लोगों को नियमानुसार नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन निर्धारित समय सीमा के भीतर कब्जा नहीं हटाया गया। इसके बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की।
एसडीएम राजीव मोहन सक्सेना ने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता तालाब, पोखर, चरागाह और अन्य सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
कार्रवाई के दौरान जेसीबी मशीनों से अवैध निर्माण और अस्थायी ढांचों को हटाया गया। प्रशासन ने यह भी कहा कि अतिक्रमण हटाने के बाद तालाब की भूमि का सीमांकन कराया जाएगा, ताकि दोबारा कब्जा न हो सके।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन की इस कार्रवाई का स्वागत किया। उनका कहना है कि तालाबों और जलस्रोतों पर बढ़ते अतिक्रमण से वर्षा जल संचयन और भूजल संरक्षण प्रभावित हो रहा है। लोगों ने प्रशासन से तालाब के संरक्षण और सौंदर्यीकरण की मांग भी की है।
अधिकारियों ने संबंधित विभागों को सरकारी भूमि की नियमित निगरानी करने और नए अतिक्रमण की सूचना तत्काल प्रशासन को देने के निर्देश दिए हैं। कार्रवाई के दौरान राजस्व विभाग के अधिकारी, लेखपाल, कानूनगो, नगर प्रशासन के कर्मचारी और बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।













