लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार की वृद्धावस्था पेंशन योजना प्रदेश की लाखों बुजुर्ग महिलाओं के लिए बड़ा सहारा बनकर उभरी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संचालित इस योजना के तहत वर्तमान में 29 लाख से अधिक बुजुर्ग महिलाओं को हर माह आर्थिक सहायता दी जा रही है। सरकार द्वारा लाभार्थियों के खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से प्रति माह ₹1000 की राशि भेजी जा रही है, जिससे उन्हें दैनिक जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल रही है।
प्रदेश सरकार का कहना है कि योजना का उद्देश्य बुजुर्ग महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना है। नियमित पेंशन मिलने से बड़ी संख्या में महिलाओं को राहत मिली है, खासकर उन परिवारों में जहां आय के सीमित साधन हैं।
इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में कई जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका भी अहम मानी जा रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पूर्व जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने जौनपुर जिले में सर्वाधिक 1,00,820 बुजुर्ग महिलाओं को योजना से जोड़कर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया। उनके प्रयासों से बड़ी संख्या में पात्र महिलाओं को पेंशन योजना का लाभ मिला।
वहीं दूसरे स्थान पर रविंद्र कुमार रहे, जिन्होंने आजमगढ़ जिले में 86,166 बुजुर्ग महिलाओं तक योजना का लाभ पहुंचाया। इसके अलावा मंगला प्रसाद सिंह के नेतृत्व में बलिया जिले में 79,160 महिलाओं को वृद्धावस्था पेंशन योजना से जोड़ा गया, जिससे जिला प्रदेश में तीसरे स्थान पर रहा।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि योजना को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए लगातार सत्यापन और निगरानी की जा रही है। पात्र लाभार्थियों को बिना किसी परेशानी के समय पर पेंशन राशि उपलब्ध कराने के लिए जिला स्तर पर विशेष अभियान भी चलाए गए।
सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत चलाई जा रही यह योजना अब प्रदेश में बुजुर्ग महिलाओं के लिए आर्थिक संबल के साथ-साथ सम्मान और आत्मविश्वास का माध्यम भी बनती जा रही है। प्रशासनिक स्तर पर इसे सामाजिक कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।













