अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित अनियमितता के मामले की जांच के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए हैं। सोमवार को आयोजित ट्रस्ट की बैठक में इस पर सहमति बनी। दोनों पदाधिकारियों ने 26 जून को नैतिक आधार पर अपने पद छोड़ने की पेशकश की थी।
मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने अपनी प्रारंभिक जांच में चंपत राय, अनिल मिश्रा सहित 14 लोगों की भूमिका की जांच की आवश्यकता बताई है। इसके साथ ही ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए कई सुझाव भी दिए गए हैं। इनमें ट्रस्ट के पुनर्गठन, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति और निगरानी तंत्र को मजबूत करने जैसी सिफारिशें शामिल हैं। अंतिम जांच रिपोर्ट 15 जुलाई तक प्रस्तुत किए जाने की संभावना है।
जांच के दौरान एसआईटी ने मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग, वित्तीय दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों का परीक्षण किया है। पुलिस इस मामले में अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है और उनके पास से नकदी बरामद करने का दावा किया है। इसके अलावा ट्रस्ट से जुड़े कर्मचारियों, सुरक्षा कर्मियों और अन्य संबंधित व्यक्तियों से भी पूछताछ जारी है।
मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। विभिन्न पक्ष जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं, जबकि ट्रस्ट की ओर से कहा गया है कि पूरी जांच प्रक्रिया निष्पक्ष ढंग से चल रही है और अंतिम रिपोर्ट आने से पहले किसी भी व्यक्ति के बारे में निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।









