वाराणसी। चर्चित मनीष सिंह हत्याकांड में आखिरकार पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। लंबे समय से फरार चल रहे दो इनामी शूटरों को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई को वाराणसी पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि इस केस को लेकर लगातार जनदबाव बना हुआ था और पीड़ित परिवार न्याय की मांग कर रहा था।
सोमवार को फूलपुर थाना पुलिस और एसओजी टीम ने संयुक्त अभियान चलाते हुए घेराबंदी की। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि हत्याकांड के मुख्य आरोपी आशीष राजभर और मनीष राजभर ग्राम कठिराव खरका के पास एक जर्जर ईंट-भट्टे में छिपे हुए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम सक्रिय हो गई और रणनीतिक तरीके से पूरे इलाके को घेर लिया गया।
जैसे ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, खुद को घिरता देख बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों आरोपियों के पैरों में गोली लगी और वे घायल होकर गिर पड़े। इसके बाद पुलिस ने दोनों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से दो अवैध .315 बोर तमंचे और जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।
गौरतलब है कि 26 अप्रैल 2026 को घमहापुर गांव में एक मामूली सड़क दुर्घटना के बाद भीड़ ने चालक मनीष सिंह की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी थी। मृतक की पत्नी लगातार न्याय की गुहार लगा रही थी और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रही थी।
इस मामले में गोमती जोन की डीसीपी नीतू काद्दयान, जिन्हें इलाके में ‘लेडी सिंघम’ के नाम से जाना जाता है, ने पीड़ित परिवार को जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया था। उसी कड़ी में यह बड़ी कार्रवाई सामने आई है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, दोनों आरोपी लंबे समय से फरार थे और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही थी।
इस ऑपरेशन को डीसीपी नीतू काद्दयान और एडीसीपी नृपेंद्र कुमार के निर्देशन में अंजाम दिया गया। फूलपुर थाना प्रभारी अतुल कुमार सिंह और एसओजी प्रभारी गौरव सिंह की टीम ने पूरी रणनीति के साथ इस मुठभेड़ को सफल बनाया।
पुलिस की इस कार्रवाई से जहां अपराधियों में खौफ का माहौल है, वहीं पीड़ित परिवार को इंसाफ की उम्मीद जगी है। फिलहाल दोनों घायल आरोपियों का अस्पताल में इलाज चल रहा है और पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है।













