नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिम मानसून ने केरल में आधिकारिक रूप से दस्तक दे दी है, जिसके साथ ही देश में चार महीने के वर्षा मौसम की शुरुआत हो गई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार मानसून सामान्य तिथि 1 जून की तुलना में लगभग तीन दिन की देरी से केरल पहुंचा है।
मौसम विभाग ने बताया कि मानसून केरल, लक्षद्वीप, माहे तथा कर्नाटक और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों तक आगे बढ़ चुका है। आने वाले दिनों में इसके गोवा, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और दक्षिण भारत के अन्य क्षेत्रों में भी तेजी से आगे बढ़ने की संभावना है।
इस बीच, आईएमडी ने तमिलनाडु के पश्चिमी और दक्षिणी हिस्सों के 15 से अधिक जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं केरल के विभिन्न जिलों में भी लगातार भारी वर्षा को देखते हुए अलर्ट जारी किया गया है।
उधर, राजधानी दिल्ली और एनसीआर में भी मौसम का मिजाज बदलने की संभावना है। एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) और पूर्व-पश्चिम दिशा में बनी ट्रफ रेखा के प्रभाव से आंधी, गरज-चमक और बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। मौसम विभाग ने क्षेत्र के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मानसून की प्रगति के साथ देश के कई हिस्सों में तापमान में गिरावट दर्ज हो सकती है, जबकि दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में अगले कुछ दिनों तक व्यापक वर्षा होने की संभावना बनी हुई है। पूर्वोत्तर राज्यों में भी अगले 2 से 3 दिनों के भीतर मानसून के पहुंचने का अनुमान जताया गया है।
मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने तथा स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा जारी सलाह का पालन करने की अपील की है।













