नई दिल्ली। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने 10 जून 2026 को भारतीय राजनीति में एक नया इतिहास रच दिया। वह देश के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले लोकतांत्रिक प्रधानमंत्री बन गए हैं। इसके साथ ही उन्होंने भारत के प्रथम प्रधानमंत्री Jawaharlal Nehru के लगातार कार्यकाल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है।
आंकड़ों के अनुसार, स्वतंत्र भारत में पहले आम चुनावों के बाद गठित पहली लोकसभा का गठन 17 अप्रैल 1952 को हुआ था। इसकी पहली बैठक 13 मई 1952 को आयोजित हुई थी और इसी दिन पंडित जवाहरलाल नेहरू ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ग्रहण की थी। इसके बाद उन्होंने लगातार प्रधानमंत्री के रूप में देश का नेतृत्व किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 मई 2014 को पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। इसके बाद वर्ष 2019 और 2024 में लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के साथ उन्होंने अपने नेतृत्व की निरंतरता बनाए रखी। 10 जून 2026 को उन्होंने लगातार प्रधानमंत्री पद पर सेवा देने के मामले में नेहरू के रिकॉर्ड को पार कर नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह उपलब्धि भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज होगी। लगातार तीन कार्यकाल तक देश का नेतृत्व करते हुए मोदी सरकार ने बुनियादी ढांचे, डिजिटल सेवाओं, वैश्विक कूटनीति, सामाजिक कल्याण योजनाओं और आर्थिक सुधारों के क्षेत्र में कई बड़े फैसले लिए हैं।
इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी और एनडीए के नेताओं ने इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए प्रधानमंत्री को बधाई दी है। वहीं विपक्षी दलों ने भी इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा बताते हुए अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं।
भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में यह पहला अवसर है जब कोई प्रधानमंत्री लगातार कार्यकाल के आधार पर सबसे लंबे समय तक देश का नेतृत्व करने का रिकॉर्ड अपने नाम कर रहा है।













