मीरजापुर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत कार्यरत संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेश सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा। संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ, उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों ने सेवा सुरक्षा, नियमितीकरण, वेतन सुधार और सामाजिक सुरक्षा जैसी लंबित मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग उठाई।
संघ के प्रतिनिधियों ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत कार्यरत हजारों कर्मचारी वर्षों से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अब तक स्थायी सेवा सुरक्षा, उचित वेतन और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गई हैं।
ज्ञापन में IPHS मानकों के अनुरूप स्थायी पब्लिक हेल्थ कैडर के गठन, संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण और समान कार्य के लिए समान वेतन लागू करने की मांग की गई है। कर्मचारियों ने न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये प्रतिमाह निर्धारित करने की भी मांग उठाई है।
इसके अलावा वर्ष 2018 में प्रस्तावित स्वास्थ्य बीमा योजना को लागू करने, सभी कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ देने और पारदर्शी स्थानांतरण नीति लागू करने की मांग भी प्रमुख रूप से रखी गई।
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि वर्तमान में लागू बायोमेट्रिक और अटेंडेंस मैनेजमेंट सिस्टम (AMS) के कारण कई क्षेत्रों में व्यावहारिक समस्याएं सामने आ रही हैं। ऐसे में इन व्यवस्थाओं की समीक्षा कर आवश्यक सुधार किए जाने चाहिए। साथ ही एनसीडी और अन्य योजनाओं में कार्यरत कर्मचारियों के समायोजन की भी मांग की गई।
कर्मचारियों ने कहा कि कोविड-19 महामारी समेत कई आपातकालीन परिस्थितियों में एनएचएम कर्मियों ने अग्रिम पंक्ति में रहकर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कीं और अपनी जिम्मेदारियों का पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन किया। इसलिए अब उन्हें सम्मानजनक सेवा शर्तें, स्थायित्व और आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जानी चाहिए।
ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन के बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। कर्मचारियों ने उम्मीद जताई कि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेकर लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का समाधान करेगी।













