मीरजापुर। कटरा कोतवाली क्षेत्र के सद्भावना नगर में 11 अप्रैल को अधिवक्ता एवं जनप्रतिनिधि राजीव सिंह उर्फ रिंकू सिंह की गोली मारकर हत्या के बाद जिले में कानून-व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
परिजनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि मृतक द्वारा पहले ही अपनी सुरक्षा को लेकर पुलिस को तहरीर दी गई थी, लेकिन समय रहते कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। इसको लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
घटना के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी राजेंद्र सोनकर के खिलाफ कार्रवाई करते हुए मुठभेड़ में उसे घायल कर गिरफ्तार करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ के दौरान आरोपी के पैर में गोली लगी है।
हालांकि, इस मुठभेड़ की टाइमिंग को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी और मुठभेड़ की परिस्थितियों को लेकर कई सवाल अनुत्तरित हैं। वहीं कुछ लोग इसे पुलिस की नियमित कार्रवाई बता रहे हैं।
मामले में यह भी सामने आया है कि आरोपी के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे, जिसके बावजूद उसकी गिरफ्तारी समय पर नहीं हो सकी। इसे लेकर पुलिस की निगरानी और अपराध नियंत्रण प्रणाली पर भी प्रश्न उठ रहे हैं।
घटना के बाद अधिवक्ताओं और सामाजिक संगठनों में आक्रोश देखा जा रहा है। कई संगठनों ने अधिवक्ताओं की सुरक्षा को लेकर ठोस कानून बनाने की मांग उठाई है।
फिलहाल पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की जा रही है। वहीं प्रशासन ने भी स्थिति पर नजर बनाए रखने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने का आश्वासन दिया है।













