चंदौली। पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर के सिकटिया–परशुरामपुर क्षेत्र में रेलवे द्वारा एक पुराने मार्ग को अचानक बंद किए जाने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। बिना किसी पूर्व सूचना के उठाए गए इस कदम से करीब 1000 से 1500 घरों की आबादी सीधे प्रभावित हुई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मार्ग वर्षों से गांवों के लिए मुख्य आवागमन का साधन था। इसके बंद हो जाने से स्कूली बच्चों, मरीजों और किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी आपातकालीन सेवाओं का पहुंचना भी मुश्किल हो गया है।
मामले को लेकर समाजवादी पार्टी ने विरोध तेज कर दिया है। सपा के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी चंद्रशेखर यादव ने इसे जनविरोधी फैसला बताते हुए कहा कि रेलवे प्रशासन ने बिना किसी संवाद के जनता को संकट में डाल दिया है। वहीं सत्यनारायण राजभर और पूर्व चेयरमैन मुसाफिर चौहान ने भी मार्ग को तत्काल बहाल करने की मांग उठाई।
समाजवादी व्यापार सभा के जिलाध्यक्ष अमरनाथ जायसवाल ‘मोनू’ ने बताया कि रास्ता बंद होने से स्थानीय व्यापार भी प्रभावित हुआ है। बाजार तक पहुंच बाधित होने के कारण व्यापारियों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
इस दौरान सपा प्रतिनिधिमंडल ने हाल की आगलगी घटनाओं में जली गेहूं की फसल का मुद्दा भी उठाया और किसानों को शीघ्र मुआवजा देने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि सिकेटिया चौराहे से गांव तक जाने वाला यह एकमात्र रास्ता था, जिसके बंद होने से पूरा क्षेत्र अलग-थलग पड़ गया है।
सपा नेताओं ने जिलाधिकारी, डीआरएम और स्थानीय सांसद को ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो ग्रामीणों के साथ मिलकर आंदोलन और धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इस मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण और किसान मौजूद रहे, जिन्होंने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।













