रायगढ़। जिले के सुदूर आदिवासी और खनन प्रभावित क्षेत्रों में अब विकास की रफ्तार तेज होने वाली है। जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) के तहत 12 करोड़ 14 लाख रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इन योजनाओं के जरिए ग्रामीण सड़कों का जाल बिछेगा, जनजातीय परिवारों तक सौर ऊर्जा पहुंचेगी और बुनियादी सुविधाओं में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।
मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai के नेतृत्व और वित्त मंत्री O. P. Choudhary के मार्गदर्शन में स्वीकृत इन परियोजनाओं का उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ना है। जिला खनिज संस्थान न्यास की शासी परिषद ने सभी कार्यों को वित्तीय वर्ष 2026-27 के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
गांवों तक पहुंचेगी बेहतर सड़क सुविधा
परियोजना के तहत धरमजयगढ़, लैलूंगा और तमनार विकासखंडों में सात महत्वपूर्ण सड़क निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इन मार्गों के बनने से ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलेगी, वहीं कृषि और वनोपज के परिवहन को भी नई गति मिलेगी। शिक्षा, स्वास्थ्य और सरकारी सेवाओं तक पहुंच पहले की तुलना में अधिक आसान हो सकेगी।
जनजातीय क्षेत्रों में रोशनी की नई किरण
विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) के लिए भी बड़ी पहल की गई है। धरमजयगढ़ विकासखंड के गिधकालो क्षेत्र में 108 सोलर होम लाइट संयंत्र लगाए जाएंगे। इसके अलावा प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत खदान प्रभावित गांवों में सोलर रूफटॉप सिस्टम स्थापित किए जाएंगे। इससे दूरस्थ इलाकों के परिवारों को स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा उपलब्ध होगी।
गुणवत्ता और पारदर्शिता पर रहेगा जोर
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी परियोजनाओं का क्रियान्वयन निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुसार किया जाएगा। प्रत्येक कार्यस्थल पर सूचना फलक लगाया जाएगा तथा निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी, भौतिक सत्यापन और प्रगति रिपोर्ट अनिवार्य होगी। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विकास के नए अवसर खोलेंगी परियोजनाएं
प्रशासन का मानना है कि ये परियोजनाएं केवल सड़क और बिजली तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आदिवासी और ग्रामीण अंचलों के सामाजिक-आर्थिक विकास का आधार बनेंगी। बेहतर कनेक्टिविटी, ऊर्जा सुविधाओं और बुनियादी ढांचे के विस्तार से रोजगार, व्यापार और जनजीवन की गुणवत्ता में सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है।













