वाराणसी। मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के खजुरी चौकी अंतर्गत मेहदीगंज गांव में हनुमान जी की प्रतिमा विखंडित किए जाने की भ्रामक खबर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की। जांच में मामला पुराना और अफवाह आधारित पाया गया। पुलिस ने लोगों से अपुष्ट खबरों पर ध्यान न देने और सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी प्रसारित न करने की अपील की है।
प्रभारी निरीक्षक मिर्जामुराद पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और मंदिर परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान मंदिर के पुजारी बबलू यादव ने बताया कि हनुमान जी की प्रतिमा पिछले 16 वर्षों से उसी स्थान पर स्थापित है और ग्रामीण नियमित रूप से पूजा-अर्चना करते आ रहे हैं।
पुजारी के अनुसार लगभग छह वर्ष पहले उनके परिवार के बच्चे मंदिर परिसर में खेल रहे थे, उसी दौरान प्रतिमा के दाहिने हाथ का पंजा टूट गया था। इसके बाद से प्रतिमा उसी स्थिति में है। उन्होंने बताया कि मंदिर के समीप नए मंदिर का निर्माण कराया जा रहा है और निर्माण कार्य पूरा होने के बाद नई प्रतिमा स्थापित की जाएगी। पुरानी विखंडित प्रतिमा का विधि-विधान के साथ गंगा में विसर्जन किया जाएगा।
बबलू यादव ने यह भी बताया कि करीब तीन वर्ष पहले भी इसी तरह की भ्रामक खबर सोशल मीडिया पर प्रसारित की गई थी, जबकि वास्तविकता में कोई विवाद या असामाजिक घटना नहीं हुई थी।
पुलिस जांच में भी यह स्पष्ट हुआ कि प्रतिमा के संबंध में सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही खबर तथ्यहीन है। मौके पर किसी प्रकार का विवाद नहीं मिला और गांव में पूरी तरह शांति व्यवस्था कायम है।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि कुछ लोग झूठी और भ्रामक सूचनाएं फैलाकर सामाजिक सौहार्द और कानून व्यवस्था को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे मामलों पर नजर रखी जा रही है और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी खबर को सत्यापित किए बिना साझा न करें और किसी प्रकार की शंका होने पर पुलिस या प्रशासन से जानकारी प्राप्त करें। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति सामान्य है और शांति व्यवस्था पूरी तरह बनी हुई है।













