वाराणसी। शहर के चर्चित पर्यटन स्थल नमो घाट पर रविवार तड़के सुरक्षा गार्डों की कथित दबंगई ने एक युवक की जान ले ली। घाट पर जाने से रोकने को लेकर शुरू हुआ विवाद कुछ ही देर में हिंसक झड़प में बदल गया। आरोप है कि सुरक्षा गार्डों ने 18 वर्षीय युवक को लाठी-डंडों और बेल्ट से बेरहमी से पीटा, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई और नमो घाट की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
मृतक की पहचान सोनभद्र निवासी 18 वर्षीय राजेश जायसवाल उर्फ चिंटू के रूप में हुई है। बताया गया कि राजेश अपने दोस्तों अक्षय कुमार, अंगद जायसवाल, शिवाजी जायसवाल और रजनीश शाह के साथ आर्टिगा कार से वाराणसी घूमने आया था। रविवार तड़के करीब साढ़े तीन बजे सभी युवक नमो घाट पहुंचे। आरोप है कि वहां तैनात सुरक्षा गार्डों ने उन्हें घाट की ओर जाने से रोक दिया, जिसको लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विवाद बढ़ने पर गार्ड पवन यादव ने अपने अन्य साथियों को मौके पर बुला लिया। इसके बाद युवकों को घेरकर डंडों, बेल्ट और लाठियों से हमला किया गया। अचानक हुए हमले से युवक जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इसी दौरान एक युवक किसी तरह पास में खड़ी पीआरवी तक पहुंचा और पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी।
सूचना मिलने पर पुलिस और फैंटम दस्ता मौके पर पहुंचा, लेकिन तब तक राजेश गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर चुका था। उसके दोस्तों ने आनन-फानन में उसे मंडलीय अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना में मृतक के चार अन्य साथी भी घायल हुए हैं, जिनका उपचार कराया गया।
मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने चंदौली निवासी पवन यादव, सूरज यादव, वाराणसी निवासी मनीष यादव, मीरजापुर निवासी राहुल यादव समेत अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या, मारपीट और दंगा की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
डीसीपी काशी जोन गौरव बंसवाल ने बताया कि देर शाम चार नामजद आरोपितों के साथ सिक्योरिटी एजेंसी विश्वनाथ ट्रेडर्स के संचालक अनुज सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार घाट पर सुरक्षाकर्मियों की अनाधिकृत तैनाती किए जाने की बात भी सामने आई है, जिसकी जांच की जा रही है।
घटना के बाद नमो घाट पर पहुंचे पर्यटकों और स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल देखा गया। कई लोग बिना घूमे ही वापस लौट गए। स्थानीय नागरिकों ने घाट पर निजी सुरक्षा गार्डों की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल उठाते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।













