वाराणसी। मानवाधिकार सहयोग संघ (एडीसीए) परिवार की ओर से टिकरी स्थित स्वामी वितरागानन्द सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में सामाजिक सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के 55 छात्र-छात्राओं को निशुल्क रेनकोट वितरित किए गए। यह आयोजन संघ के युवा प्रकोष्ठ वाराणसी के महामंत्री अर्जुन राय ने अपनी धर्मपत्नी रिया सिंह के जन्मदिवस के अवसर पर कराया।
वर्षा ऋतु को देखते हुए बच्चों की सुरक्षा और सुविधा के उद्देश्य से आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन, पूजा-अर्चना और आरती के साथ हुआ। विद्यालय परिवार और अतिथियों ने इस पहल की सराहना की।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय मंत्री बसंत लाल सैनी मुख्य अतिथि तथा प्रियव्रत मिश्रा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विद्यालय के प्रधानाचार्य संजय कुमार सिंह ने मानवाधिकार सहयोग संघ की टीम का स्वागत करते हुए इस सामाजिक पहल के लिए आभार व्यक्त किया।
अपने संबोधन में राष्ट्रीय मंत्री बसंत लाल सैनी ने कहा कि जन्मदिन जैसे शुभ अवसरों को केवल केक काटकर मनाने के बजाय समाज सेवा से जोड़ना चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि जरूरतमंद विद्यार्थियों को कॉपी, किताबें, स्कूल बैग, रेनकोट, जूते और अन्य शैक्षणिक सामग्री वितरित कर ऐसे अवसरों को सार्थक बनाया जाए।
उन्होंने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और उन्हें संस्कारयुक्त शिक्षा देना समाज की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। शिक्षा और संस्कार के माध्यम से ही राष्ट्र को मजबूत बनाया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों में जागरूकता, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी विकसित करने पर भी बल दिया।
बसंत लाल सैनी ने परीक्षा व्यवस्था को लेकर भी सुझाव देते हुए कहा कि यदि कोई विद्यार्थी एक-दो मिनट की देरी से परीक्षा केंद्र पहुंचता है तो उसे 15 मिनट का ग्रेस पीरियड देकर अलग कक्ष में परीक्षा देने का अवसर मिलना चाहिए, ताकि उसकी पूरे वर्ष की मेहनत व्यर्थ न जाए।
इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कुमार शर्मा, महिला प्रकोष्ठ वाराणसी की अध्यक्ष लक्ष्मी अग्रहरि, उपाध्यक्ष किरण पांडे, प्रभारी नीलम श्रीवास्तव, सह प्रभारी सुनीता विश्वकर्मा, महामंत्री पूजा गुप्ता, मणि सिंह, पूनम सिंह, प्रधानाचार्या शशि राय, विद्यालय का शिक्षण एवं गैर-शिक्षण स्टाफ तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
कार्यक्रम का उद्देश्य वर्षा ऋतु में जरूरतमंद विद्यार्थियों को आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराना, शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और सामाजिक सेवा के माध्यम से समाज में सकारात्मक संदेश देना रहा।













