वाराणसी/नई दिल्ली। प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा एक वर्ष तक सोने की खरीदारी न करने की अपील को लेकर व्यापारिक संगठनों में नाराजगी बढ़ती दिखाई दे रही है। इस मुद्दे पर भारतीय औद्योगिक व्यापार संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजेन्द्र सोनकर और राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. अखिलेश सिंह ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए बयान की आलोचना की है।
संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि देश का व्यापारी वर्ग पहले से ही महंगाई, टैक्स व्यवस्था, ऑनलाइन व्यापार और प्रशासनिक दबाव जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। ऐसे समय में सोना व्यापार से जुड़े करोड़ों व्यापारियों और कर्मचारियों को प्रभावित करने वाले बयान से व्यापारिक जगत में असंतोष फैल गया है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष विजेन्द्र सोनकर ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में आर्थिक सुधार चाहती है तो नेताओं की फिजूलखर्ची, रैलियों, भारी वेतन, पेंशन और भत्तों पर रोक लगानी चाहिए। उन्होंने कहा कि व्यापारी वर्ग देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, जो ईमानदारी से टैक्स अदा करता है, लेकिन इसके बावजूद सबसे अधिक उत्पीड़न का सामना करता है।
वहीं राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. अखिलेश सिंह ने कहा कि देश का व्यापारी हर संकट में सरकार के साथ खड़ा रहा है, लेकिन लगातार व्यापारियों को निशाना बनाना उचित नहीं है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि व्यापारियों की समस्याओं और भावनाओं की अनदेखी की गई तो देशभर में व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
व्यापारी नेताओं ने सरकार से मांग की कि व्यापारियों को कमजोर करने के बजाय उन्हें सुरक्षा, सम्मान और सुविधाएं दी जाएं, ताकि देश की आर्थिक व्यवस्था और मजबूत हो सके।
बैठक के दौरान व्यापारियों ने “व्यापारी एकता जिंदाबाद”, “भारतीय व्यापारियों का सम्मान करो” और “देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करो” जैसे नारे भी लगाए।













