वाराणसी। बकरीद से ठीक पहले बेनियाबाग में वर्षों से लगने वाली पारंपरिक बकरा मंडी हटाए जाने और सड़क किनारे बकरों की बिक्री पर रोक लगाए जाने से पशु विक्रेताओं में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। नगर निगम की कार्रवाई के बाद दूर-दराज जिलों और ग्रामीण क्षेत्रों से आए व्यापारियों का कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कई विक्रेताओं का कहना है कि उन्होंने कर्ज लेकर बकरे खरीदे थे, लेकिन अब मंडी बंद होने से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
बेनियाबाग की बकरा मंडी हर साल बकरीद से पहले वाराणसी की सबसे बड़ी अस्थायी मंडियों में गिनी जाती रही है। यहां वाराणसी के अलावा जौनपुर, चंदौली, गाजीपुर, भदोही, मिर्जापुर और आसपास के ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में व्यापारी बकरे लेकर पहुंचते थे। मंडी में प्रतिदिन हजारों लोगों की आवाजाही होती थी और लाखों रुपये का कारोबार होता था।
इस वर्ष नगर निगम की ओर से स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत मंडी संचालन के लिए पहले टेंडर जारी किया गया था, जिससे व्यापारियों को उम्मीद थी कि इस बार भी पहले की तरह मंडी लगेगी। लेकिन बाद में नगर निगम ने टेंडर निरस्त कर दिया और मंडी लगाने की अनुमति रद्द कर दी। इसके बाद प्रशासन ने बेनियाबाग क्षेत्र में बकरों की बिक्री रोकने के लिए अभियान शुरू कर दिया।
ग्रामीण क्षेत्रों से आए विक्रेता यूनुस और हनीफ ने बताया कि उन्होंने उधार और कर्ज लेकर बकरे खरीदे थे। बेहतर दाम मिलने की उम्मीद में वे वाराणसी पहुंचे थे, लेकिन मंडी बंद होने से अब उन्हें सड़कों और गलियों में ग्राहक तलाशने पड़ रहे हैं। उनका कहना है कि बकरीद जैसे बड़े पर्व से ठीक पहले मंडी हटाना व्यापारियों के साथ अन्याय है।
एक अन्य विक्रेता नशीम ने आरोप लगाया कि नगर निगम ने बिना पर्याप्त वैकल्पिक व्यवस्था किए अचानक लाइसेंस निरस्त कर कार्रवाई कर दी। उन्होंने बताया कि अभी भी करीब दो हजार से अधिक बकरे बिक्री का इंतजार कर रहे हैं। भीषण गर्मी के कारण पशुओं को पानी, छाया और चारे की भी गंभीर समस्या हो रही है। कई व्यापारी खुले में जानवरों को बांधने को मजबूर हैं।
व्यापारियों का कहना है कि यदि प्रशासन मंडी को किसी दूसरे स्थान पर शिफ्ट कर देता तो उन्हें इतनी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता। विक्रेताओं ने नगर निगम से वैकल्पिक स्थल उपलब्ध कराने और अस्थायी अनुमति देने की मांग की है।
वहीं नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि बेनियाबाग पार्क क्षेत्र को स्मार्ट सिटी योजना के तहत विकसित किया जा रहा है और वहां अव्यवस्थित मंडी लगाने से सौंदर्यीकरण और यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सड़क किनारे भी बकरों की बिक्री की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रशासन ने विक्रेताओं को सार्वजनिक स्थान खाली करने के निर्देश भी दिए हैं।
नगर निगम की कार्रवाई के बाद अब व्यापारियों और प्रशासन के बीच टकराव जैसी स्थिति बनती दिखाई दे रही है। बकरीद नजदीक होने के कारण विक्रेता जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं, जबकि प्रशासन व्यवस्था और यातायात बनाए रखने की बात कह रहा है।













