वाराणसी। गंगा के बढ़ते जलस्तर के साथ अब वरुणा नदी भी उफान पर पहुंच गई है। नदी का पानी कई जगह किनारों को पार कर निचले इलाकों में फैल गया है। वरुणा कॉरिडोर और आसपास की सड़कें जलमग्न होने के साथ कई रिहायशी क्षेत्रों में भी पानी घरों तक पहुंच गया है। इससे लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
घरों तक पहुंचा पानी, बढ़ी परेशानी
बाढ़ का पानी बढ़ने से प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। स्थानीय निवासी सुनील यादव ने बताया कि जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण घर का सामान सुरक्षित स्थान पर रखना पड़ रहा है। खाने-पीने की व्यवस्था को लेकर भी दिक्कतें सामने आ रही हैं।
वरुणा के किनारे बसे कई इलाकों में लोग जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। पानी बढ़ने से सड़कों पर आवागमन भी प्रभावित हुआ है।
प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों का लिया जायजा
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार और पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल समेत प्रशासन एवं पुलिस के अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने जलभराव की स्थिति और राहत-बचाव की तैयारियों का जायजा लेते हुए संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए।
प्रशासन की ओर से शहर में 46 बाढ़ राहत केंद्र बनाए गए हैं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।
नाविकों और घाटों पर रहने वालों को सतर्क रहने की अपील
प्रशासन ने नाविकों और घाट किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। पुलिस कमिश्नर ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल पुलिस या प्रशासन को सूचना देने की अपील की है।
अधिकारियों के मुताबिक जलस्तर और प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव अभियान तत्काल शुरू किया जा सके।























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