गोरखपुर। रामपुर बुजुर्ग गांव में रहने वाले एक साधारण पंचर मिस्त्री को उस समय बड़ा झटका लगा जब उसे केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) विभाग की ओर से 100 करोड़ रुपये के कारोबार और 28 करोड़ रुपये के टैक्स बकाये का नोटिस मिला। मामले के सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार, राज प्रजापति वर्षों से गांव में पंचर बनाने का काम कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता है। लेकिन हाल ही में उसे वाराणसी स्थित CGST विभाग से समन और नोटिस प्राप्त हुआ, जिसमें उसके नाम पर ‘मेसर्स गड़जेट्रीक टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड’ नामक कंपनी के जरिए बड़े पैमाने पर व्यापार और भारी टैक्स देनदारी का उल्लेख किया गया है।
जांच के दौरान विभाग की टीम जब दिए गए पते पर पहुंची तो चौंकाने वाली स्थिति सामने आई, जहां कथित कंपनी का मालिक एक साधारण पंचर की दुकान चलाता मिला।
पीड़ित राज प्रजापति का आरोप है कि वर्ष 2024 में उसने अपनी बहन की शादी के लिए आर्थिक सहायता लेने के लिए गांव के ही एक युवक से संपर्क किया था। युवक ने बैंक से लोन दिलाने का झांसा देकर उसके आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य दस्तावेज ले लिए थे। पीड़ित का कहना है कि उन्हीं दस्तावेजों का दुरुपयोग कर उसके नाम पर फर्जी कंपनी पंजीकृत कर दी गई और बैंक खाता भी खोल लिया गया।
मामले की जानकारी तब हुई जब 27 मई को CGST विभाग की ओर से समन जारी कर उसे पूछताछ के लिए वाराणसी कार्यालय बुलाया गया। नोटिस मिलने के बाद पीड़ित ने घबराकर 30 मई को स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई और पूरे मामले की जांच की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि राज प्रजापति बेहद गरीब परिवार से है और लंबे समय से केवल पंचर बनाने का काम कर रहा है। ऐसे में उसके नाम पर इतने बड़े वित्तीय घोटाले की बात समझ से परे है। लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। दस्तावेजों के दुरुपयोग और फर्जी कंपनी बनाने के आरोपों की गहनता से जांच की जा रही है, और जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।













