वाराणसी। कचहरी परिसर के विस्तारीकरण की मांग को लेकर बुधवार को भदैनी स्थित अस्सी घाट के तिवारी जी के ऐतिहासिक चबूतरे पर अधिवक्ताओं ने विशाल धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने एकजुट होकर कचहरी परिसर को वर्तमान स्थान पर ही विस्तारित करने की मांग उठाई और इसे अन्य स्थान पर स्थानांतरित किए जाने की चर्चाओं का विरोध किया।
धरना-प्रदर्शन में द बनारस बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विनोद कुमार शुक्ला, बनारस बार क्लब के संरक्षक अजय पांडेय ‘बबलू’ सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में कहा कि कचहरी परिसर का विस्तार मौजूदा स्थान पर ही किया जाना चाहिए, ताकि अधिवक्ताओं के लिए पर्याप्त चैंबर और आवश्यक सुविधाएं विकसित की जा सकें।
अधिवक्ताओं का कहना है कि यदि कचहरी परिसर को शहर से बाहर या किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया गया तो न केवल अधिवक्ताओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा, बल्कि न्यायिक कार्यों से जुड़े आम लोगों की भी परेशानी बढ़ जाएगी।
धरना स्थल पर वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान परिसर से प्रतिदिन हजारों लोग जुड़े रहते हैं और इसे दूसरी जगह स्थानांतरित करना व्यवहारिक नहीं होगा। उन्होंने कहा कि शहर के केंद्र में स्थित होने के कारण लोगों की पहुंच आसान बनी रहती है और यही व्यवस्था आगे भी कायम रहनी चाहिए।
इस दौरान अधिवक्ताओं ने द सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम प्रसाद गौतम द्वारा कचहरी परिसर को दूसरी जगह स्थानांतरित किए जाने संबंधी चर्चाओं का भी विरोध जताया।
अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का स्थानांतरण नहीं, बल्कि मौजूदा कचहरी परिसर का विस्तारीकरण है। उन्होंने कहा कि उनकी मांग है कि वर्तमान परिसर में ही पर्याप्त भूमि उपलब्ध कराकर अधिवक्ताओं के लिए नए चैंबर और अन्य बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएं।
धरना-प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।













