21 साल की उम्र में तिरंगा लेकर अंग्रेजों से भिड़े थे प्रभु नारायण सिंह, शहादत दिवस पर उमड़ा जनसैलाब

खगड़िया। सदर प्रखंड की माड़र उत्तरी पंचायत में गुरुवार को अमर शहीद प्रभु नारायण सिंह का शहादत दिवस श्रद्धा और देशभक्ति के माहौल में मनाया गया। माड़र स्थित शहीद प्रभु नारायण पार्क में आयोजित कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों समेत बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर अमर शहीद को श्रद्धांजलि दी।

कार्यक्रम की शुरुआत एनएसी रोड स्थित प्रभु नारायण सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुई। इसके बाद लोग शहीद पार्क पहुंचे, जहां उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर नमन किया गया। सीएस उच्च विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति देकर कार्यक्रम में मौजूद लोगों में राष्ट्रप्रेम का भाव जगाया।

कई जनप्रतिनिधियों ने किया नमन

श्रद्धांजलि कार्यक्रम में सदर विधायक बबलू कुमार मंडल, सुल्तानगंज विधायक ललित नारायण मंडल, परबत्ता विधायक बाबूलाल शौर्य और सिमरी बख्तियारपुर विधायक संजय कुमार सिंह समेत कई जनप्रतिनिधि शामिल हुए। सभी ने शहीद की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उनके बलिदान को याद किया।

वक्ताओं ने कहा कि प्रभु नारायण सिंह ने बेहद कम उम्र में देश की आजादी के लिए अपना जीवन न्योछावर कर दिया। उनका साहस और देश के प्रति समर्पण आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा है।

भारत छोड़ो आंदोलन में कूद पड़े थे

कार्यक्रम में बताया गया कि प्रभु नारायण सिंह का जन्म वर्ष 1921 में माड़र में हुआ था। पढ़ाई के सिलसिले में बनारस रहने के दौरान वे महात्मा गांधी के भारत छोड़ो आंदोलन से प्रभावित होकर स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय हो गए।

12 अगस्त 1942 को खगड़िया लौटने के बाद उन्होंने सन्हौली में युवाओं को एकजुट किया और तिरंगा लेकर जुलूस निकाला। अगले दिन 13 अगस्त को मुंगेरिया चौक के पास अंग्रेज पुलिस कैंप के सामने उन्होंने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।

वक्ताओं ने कहा कि महज 21 वर्ष की उम्र में शहीद हुए प्रभु नारायण सिंह की वीरता और बलिदान को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना समाज की जिम्मेदारी है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, छात्र, जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग मौजूद रहे।

ब्यूरो प्रमुख- खगड़िया

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