वाराणसी। घमहापुर के चर्चित मनीष सिंह हत्याकांड मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने चार आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। अदालत के इस फैसले को पीड़ित परिवार के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
सुनवाई के दौरान पीड़ित पक्ष की ओर से वरिष्ठ फौजदारी अधिवक्ता एवं सेंट्रल बार वाराणसी के पूर्व अध्यक्ष अशोक सिंह प्रिंस, वरिष्ठ अधिवक्ता एवं पूर्व अध्यक्ष मुरली सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता एवं पूर्व महामंत्री संजय सिंह दाढ़ी, अधिवक्ता शैलेन्द्र प्रताप सिंह तथा सेंट्रल बार की पूर्व प्रबंध समिति के सदस्य विवेक सिंह ने प्रभावी पैरवी की।
अधिवक्ताओं ने न्यायालय के समक्ष मामले से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य और कानूनी तर्क प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने चारों आरोपियों की जमानत याचिकाएं निरस्त कर दीं।
इस मामले की विशेष बात यह रही कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के उद्देश्य से अधिवक्ताओं ने बिना किसी शुल्क के निःशुल्क पैरवी की। उनके इस प्रयास को न्याय के प्रति समर्पण और सामाजिक उत्तरदायित्व का उदाहरण माना जा रहा है।
स्थानीय लोगों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने अधिवक्ताओं की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास न्याय व्यवस्था में आम लोगों का विश्वास मजबूत करते हैं। वहीं पीड़ित परिवार ने भी अदालत के फैसले पर संतोष व्यक्त करते हुए निष्पक्ष न्याय की उम्मीद जताई है।









