वाराणसी। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि जन शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या हीलाहवाली स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि आम जनता की समस्याओं का समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
शनिवार को तहसील पिंडरा में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने फरियादियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
समाधान दिवस में राजस्व, पुलिस, स्वास्थ्य, कृषि, खाद्य एवं रसद, पंचायतीराज, विद्युत, सिंचाई, लोक निर्माण विभाग, जल निगम, वन विभाग समेत विभिन्न विभागों से संबंधित 117 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 12 मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्रवाई के लिए भेजा गया।
जिलाधिकारी ने विशेष रूप से भूमि विवादों के मामलों में राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम को मौके पर जाकर जांच करने तथा निष्पक्ष तरीके से विवादों का समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी शिकायतों को गंभीरता से लें और पीड़ितों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को न्यायपूर्ण और पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। यदि किसी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता पाई गई तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
संपूर्ण समाधान दिवस में डीसीपी गोमती नीतू कादयान, उप जिलाधिकारी कुंदन राज कपूर सहित राजस्व, पुलिस एवं अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।













