चंदौली। टीबी मुक्त भारत अभियान के दूसरे चरण के तहत स्वास्थ्य विभाग ने जिले में व्यापक जांच और जनजागरूकता अभियान चलाया। अभियान के दौरान हजारों लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई और संभावित मरीजों की पहचान कर उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध कराया गया।
6 हजार से ज्यादा लोगों की हुई जांच
राजकीय महिला चिकित्सालय के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एस.के. चक्रवर्ती ने बताया कि विशेष अभियान के दौरान कुल 6,060 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। जांच के दौरान 2,616 लोगों में टीबी के संभावित लक्षण पाए गए, जिसके बाद उन्हें आगे की जांच के लिए चिन्हित किया गया।
एक्स-रे जांच में 31 लोगों में टीबी की पुष्टि
संभावित मरीजों का एक्स-रे परीक्षण कराया गया, जिसमें 31 लोगों में टीबी संक्रमण की पुष्टि हुई। स्वास्थ्य विभाग ने सभी मरीजों को तत्काल दवाएं, चिकित्सकीय परामर्श और नियमित उपचार उपलब्ध कराया है, ताकि बीमारी को शुरुआती चरण में ही नियंत्रित किया जा सके।
46 गांवों में चला विशेष जागरूकता अभियान
स्वास्थ्य विभाग ने हैंड-हेल्ड एक्स-रे मशीनों की मदद से हाई रिस्क क्षेत्रों में विशेष अभियान भी चलाया। इसके तहत 46 चयनित गांवों में स्वास्थ्य टीमों ने घर-घर पहुंचकर लोगों को टीबी के लक्षण, बचाव के तरीके और समय पर जांच के महत्व के बारे में जानकारी दी।
ये लक्षण दिखें तो तुरंत कराएं जांच
डॉ. एस.के. चक्रवर्ती ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति में निम्नलिखित लक्षण दिखाई दें, तो उसे तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर जांच करानी चाहिए—
दो सप्ताह से अधिक समय तक लगातार खांसी रहना
- तेजी से वजन कम होना
- शाम के समय बार-बार बुखार आना
- लगातार कमजोरी और थकान महसूस होना
- भूख कम लगना
उन्होंने कहा कि टीबी का समय पर पता चलने पर इसका इलाज पूरी तरह संभव है। इसलिए लक्षणों को नजरअंदाज करने के बजाय तुरंत जांच करानी चाहिए।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध निःशुल्क जांच और उपचार सुविधाओं का लाभ उठाने की अपील की है, ताकि टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को सफल बनाया जा सके।













