वाराणसी। मोहनसराय ट्रांसपोर्ट नगर योजना से प्रभावित किसानों ने बैरवन गांव में आयोजित खुली बैठक में भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन से जुड़े लंबित मामलों के स्थायी समाधान की मांग उठाई। बैठक में किसानों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित करते हुए स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
स्वामी सहजानंद किसान महासभा के राष्ट्रीय महासचिव एवं किसान नेता विनय शंकर राय ‘मुन्ना’ की अध्यक्षता में हुई बैठक में किसानों ने कहा कि जिन लोगों ने अभी तक मुआवजा स्वीकार नहीं किया है, उनके मामलों का निस्तारण भूमि अर्जन, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम-2013 के प्रावधानों के अनुसार किया जाए। वहीं, जिन किसानों को मुआवजा मिल चुका है, उन्हें न्यायालय के आदेशों और शासनादेश के अनुरूप पुनर्वास सहित अन्य निर्धारित सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
बैठक में किसानों ने हाल ही में मंडलायुक्त एस. राजलिंगम के साथ हुई वार्ता का भी उल्लेख किया। किसानों के अनुसार, मंडलायुक्त ने बिना मुआवजा प्राप्त किसानों के मामलों के समाधान के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा और भरोसा दिलाया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार ऐसे किसानों की भूमि पर फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।
किसान नेता विनय शंकर राय ‘मुन्ना’ ने कहा कि यदि सरकार और प्रशासन वैधानिक प्रक्रिया के तहत स्थायी समाधान करते हैं तो किसान उसका स्वागत करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समाधान में दोबारा बाधा उत्पन्न हुई या किसानों की मांगों की अनदेखी की गई तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
उन्होंने घोषणा की कि मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में उनके नेतृत्व में 100 किसान वाराणसी जिला मुख्यालय पर आमरण अनशन शुरू करेंगे।
बैठक का संचालन अधिवक्ता उदय पटेल ने किया। इस दौरान ग्राम प्रधान प्रतिनिधि लाल बिहारी पटेल सहित बड़ी संख्या में प्रभावित किसान मौजूद रहे।













