रायपुर। फर्जी दस्तावेजों के जरिए सरकारी नौकरी हासिल करने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर विकासखंड स्थित शासकीय प्राथमिक शाला कोल्हुआ में पदस्थ प्रधान पाठक को असली पहचान उजागर होने के बाद तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के अनुसार, मामले की शिकायत मिलने पर नियुक्ति से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच कराई गई। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि संबंधित प्रधान पाठक ने अपने नाम में हेरफेर कर शासकीय सेवा प्राप्त की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर के निर्देश पर विस्तृत जांच प्रक्रिया शुरू की गई।
जांच के दौरान दस्तावेजों की बारीकी से पड़ताल की गई और संबंधित व्यक्तियों के बयान भी दर्ज किए गए। जांच प्रतिवेदन में यह स्पष्ट हुआ कि नियुक्ति के समय प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों में गंभीर अनियमितताएं थीं। जांच में सामने आया कि जिस व्यक्ति ने लालमन सिंह पिता रामवृक्ष के नाम से नौकरी हासिल की, उसका वास्तविक नाम रामदुलार पिता जीतू है।
इस खुलासे के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियमों का गंभीर उल्लंघन मानते हुए तत्काल निलंबन की कार्रवाई की है। विभागीय स्तर पर आगे की जांच भी जारी है और मामले में अन्य जिम्मेदार लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
इस घटना ने शासकीय नियुक्तियों की प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार के फर्जीवाड़े पर अंकुश लगाया जा सके।









