ग्लासगो। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। भारत ने पहली बार किसी एक कॉमनवेल्थ गेम्स संस्करण में पांच स्वर्ण पदक जीतकर नई उपलब्धि हासिल की। प्रीति पवार, जैस्मिन लांबोरिया, साक्षी चौधरी, प्रिया घंघास और अरुंधति चौधरी ने अपने-अपने फाइनल मुकाबले जीतकर देश का गौरव बढ़ाया।
महिलाओं के 70 किलोग्राम वर्ग में अरुंधति चौधरी ने इंग्लैंड की चैंटेल रीड को 5-0 के एकतरफा फैसले से हराकर भारत का पांचवां स्वर्ण पदक जीता। पूरे मुकाबले में उन्होंने शानदार नियंत्रण बनाए रखा और प्रतिद्वंद्वी को वापसी का कोई अवसर नहीं दिया।
60 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में प्रिया घंघास ने कनाडा की मैरी-बाथूल अल-अहमदियेह को 4-1 के स्प्लिट निर्णय से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। मुकाबले में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली, लेकिन अंतिम दौर में प्रिया के आक्रामक खेल ने उन्हें जीत दिलाई।
51 किलोग्राम वर्ग में साक्षी चौधरी ने इंग्लैंड की प्रतिद्वंद्वी को 5-0 से हराकर शानदार प्रदर्शन किया। वहीं 54 किलोग्राम वर्ग में प्रीति पवार ने कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो को सर्वसम्मत निर्णय से मात देकर स्वर्ण पदक जीता।
बॉक्सिंग के अलावा भारत को अन्य स्पर्धाओं में भी सफलता मिली। पैरा शॉटपुट एफ-57 वर्ग में सोमन राणा ने सीजन का सर्वश्रेष्ठ 13.40 मीटर थ्रो कर स्वर्ण पदक जीता, जबकि शुभम जुयाल ने रजत पदक हासिल किया। जूडो में उन्नति शर्मा ने महिलाओं के 63 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक अपने नाम किया। पुरुष ट्रिपल जंप में प्रवीण चित्रावेल ने रजत और सेल्वा प्रभु ने कांस्य पदक जीता।
इन शानदार प्रदर्शनों के साथ भारत के खाते में 34 पदक हो गए हैं, जिनमें 11 स्वर्ण, 15 रजत और 8 कांस्य शामिल हैं। भारतीय दल पदक तालिका में चौथे स्थान पर पहुंच गया है।













