अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने मंगलवार को अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार को सौंप दी। टीम के सदस्य प्रमुख सचिव (गृह) संजय प्रसाद के कार्यालय पहुंचे और करीब 150 पन्नों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की।
सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट में लगभग 150 लोगों के बयान और पूछताछ के आधार पर निष्कर्ष शामिल किए गए हैं। SIT ने सुझाव दिया है कि पिछले पांच वर्षों में मंदिर में प्राप्त चढ़ावे का स्वतंत्र ऑडिट कराया जाए, ताकि पूरे वित्तीय लेनदेन में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।
रिपोर्ट में दान राशि के संग्रह, गिनती, बैंकिंग प्रक्रिया और रिकॉर्ड प्रबंधन को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए भी कई प्रशासनिक सुझाव दिए गए हैं। अंतिम निर्णय राज्य सरकार स्तर पर लिया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक, SIT ने 15 से 20 जून के बीच लगातार छह दिनों तक जांच की। इस दौरान ट्रस्ट के पदाधिकारियों, बैंक अधिकारियों, चढ़ावा गिनने वाले कर्मचारियों और नोट गिनने वाली एजेंसी के प्रतिनिधियों से पूछताछ की गई। साथ ही बैंक स्टेटमेंट और वित्तीय दस्तावेजों की भी गहन जांच की गई।
यह मामला तब चर्चा में आया जब 7 जून को पूर्व मंत्री पवन पांडेय ने चढ़ावे में अनियमितताओं के आरोप लगाए थे। इसके बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई और विपक्ष ने निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
वहीं ट्रस्ट की ओर से आरोपों को खारिज करते हुए कहा गया कि अब तक किसी भी तरह की अनियमितता या चोरी के ठोस प्रमाण सामने नहीं आए हैं।
फिलहाल SIT की यह रिपोर्ट प्रारंभिक मानी जा रही है। आगे की कार्रवाई और अंतिम निष्कर्ष सरकार और संबंधित एजेंसियों की विस्तृत समीक्षा के बाद ही सामने आएंगे।













