वाराणसी। श्रावण मास में काशी पहुंचने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 11वीं वाहिनी राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने गंगा घाटों और जल क्षेत्रों में अतिरिक्त बाढ़ एवं जल-राहत टीमों की तैनाती की है। इसका उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करना है।
रविवार को 11वीं वाहिनी के कमांडिंग ऑफिसर अनूप सिंह बिष्ट ने गंगा घाटों पर तैनात एनडीआरएफ टीमों का निरीक्षण कर तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने बचाव दल को पूरी सतर्कता के साथ ड्यूटी निभाने और जिला प्रशासन, पुलिस तथा अन्य एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।
एनडीआरएफ की टीमों को मोटरबोट, वाटर एम्बुलेंस, लाइफ जैकेट, रेस्क्यू रोप, आधुनिक बचाव उपकरण और अन्य जीवनरक्षक संसाधनों से सुसज्जित किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, गंगा में जलस्तर बढ़ने और सावन मेले के दौरान घाटों पर उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।
एनडीआरएफ ने श्रद्धालुओं से भी अपील की है कि वे घाटों पर प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें, गहरे पानी में जाने से बचें और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल ड्यूटी पर मौजूद बचाव दल को सूचना दें।









