कोरबा। जिले में रविवार को उस समय हलचल मच गई जब एसईसीएल कुसमुंडा परियोजना के सीएमपीएफ विभाग में क्लर्क पद पर कार्यरत मनोहर कौशिक को कथित रूप से रिश्वत लेते हुए पकड़े जाने की खबर तेजी से फैलने लगी। बताया जा रहा है कि सुबह कुसमुंडा कार्यालय के बाहर कार्रवाई करते हुए एक जांच एजेंसी की टीम उन्हें अपने साथ लेकर गई।
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। विभागीय कर्मचारियों और स्थानीय लोगों के बीच दिनभर इस कार्रवाई को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। सूत्रों के मुताबिक मामला रिश्वतखोरी से जुड़ा बताया जा रहा है, हालांकि अब तक किसी भी आधिकारिक एजेंसी या विभाग की ओर से इसकी पुष्टि नहीं की गई है।
मामले को लेकर अभी तक न तो सीबीआई और न ही एसईसीएल प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है। ऐसे में कार्रवाई की वास्तविक वजह और पूरी स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है।
फिलहाल पूरे मामले पर सभी की नजर बनी हुई है और आधिकारिक पुष्टि के बाद ही स्थिति साफ होने की उम्मीद जताई जा रही है।









