वाराणसी। करीब एक दशक पहले शुरू हुई स्मार्ट सिटी योजना ने वाराणसी के शहरी विकास को नई दिशा दी है। सितंबर 2016 में वाराणसी को स्मार्ट सिटी मिशन में शामिल किए जाने के बाद शहर में कई बड़े प्रोजेक्ट पूरे हुए। इन परियोजनाओं पर करीब 1000 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इसका असर शहर की सुविधाओं, पर्यटन स्थलों, यातायात व्यवस्था और सुरक्षा तंत्र में दिखाई दे रहा है।
स्मार्ट सिटी के तहत काशी को रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर, नमो घाट, आधुनिक पार्किंग व्यवस्था, इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर और सिगरा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स जैसी प्रमुख सौगातें मिलीं। इन परियोजनाओं ने शहर के कई हिस्सों को नया रूप दिया है।
पुरानी गलियों और पार्कों का भी हुआ सुधार
काशी की पहचान उसकी पुरानी गलियों और ऐतिहासिक जल संरचनाओं से भी जुड़ी है। स्मार्ट सिटी योजना के तहत कई गलियों को बेहतर बनाया गया। तालाबों और कुंडों के जीर्णोद्धार के साथ पार्कों का भी विकास किया गया।
सरकारी स्कूलों में सुविधाएं बढ़ाने के अलावा प्रमुख घाटों को आकर्षक बनाने के लिए फसाड लाइटिंग लगाई गई। इससे रात के समय घाटों का स्वरूप और बेहतर नजर आने लगा है।
कैमरों से शहर की निगरानी
शहर की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था में तकनीक का इस्तेमाल भी बढ़ा है। अधिकारियों के मुताबिक वाराणसी में करीब तीन हजार कैमरों का नेटवर्क तैयार किया गया है। इन कैमरों के जरिए शहर के प्रमुख इलाकों और यातायात गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को इस पूरी व्यवस्था का अहम हिस्सा बनाया गया है। यहां से विभिन्न डिजिटल प्रणालियों के जरिए शहर की निगरानी और यातायात प्रबंधन में मदद ली जा रही है।
अब ग्रीनरी और डिजिटल सुविधाओं पर फोकस
स्मार्ट सिटी के तहत आने वाले समय में शहर में हरित क्षेत्र और सार्वजनिक सुविधाओं को और बढ़ाने की तैयारी है। पार्कों के विकास के साथ डिजिटल लाइब्रेरी, कम्युनिटी सेंटर और स्मार्ट स्कूल जैसी योजनाओं पर भी काम किया जाना प्रस्तावित है।
करीब दस वर्षों में हुए इन विकास कार्यों ने काशी को पारंपरिक स्वरूप के साथ आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने का काम किया है। अब आने वाले चरण में शहर को और सुविधाजनक, सुरक्षित और तकनीक आधारित बनाने पर जोर रहेगा।























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