वाराणसी। लालपुर-पांडेयपुर थाना क्षेत्र स्थित प्राचीन सर्वेश्वर महादेव मंदिर परिसर में करीब 100 वर्ष पुराने पीपल के पेड़ को बिना अनुमति काटे जाने से इलाके में भारी आक्रोश फैल गया है। धार्मिक आस्था से जुड़े इस मामले ने तूल पकड़ लिया है और स्थानीय लोगों के साथ मंदिर समिति ने सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है।
मंदिर समिति का आरोप है कि स्थानीय व्यक्ति चंद्रशेखर सेठ ने बिना किसी विभागीय अनुमति के निजी मजदूरों को बुलाकर पेड़ की मोटी शाखाओं को कटवा दिया। घटना बुधवार दोपहर की बताई जा रही है। खास बात यह है कि इस पीपल वृक्ष को लेकर लोगों की गहरी धार्मिक आस्था जुड़ी हुई है—हर शनिवार यहां शनिदेव की पूजा की जाती थी।
समिति के अनुसार, 15 फरवरी 2025 को वन विभाग की ओर से स्पष्ट आदेश दिया गया था कि मंदिर परिसर की संपत्ति नगर निगम के अधीन है और पेड़ से संबंधित किसी भी कार्य के लिए निगम की अनुमति आवश्यक होगी। इसके बावजूद बिना सूचना और अनुमति के पेड़ काटा जाना नियमों का खुला उल्लंघन बताया जा रहा है।
घटना की जानकारी मिलते ही मंदिर समिति ने तत्काल थाना लालपुर-पांडेयपुर में शिकायत दर्ज कराई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया।
सूत्रों की मानें तो मामले में कुछ प्रभावशाली लोग आरोपी को बचाने की कोशिश में लगे हैं, जिससे विवाद और गहरा गया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और प्रशासन पर सख्त कार्रवाई का दबाव बना हुआ है।









