लखनऊ। राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर प्रदेश सरकार ने बुनकरों और हस्तशिल्प कारीगरों के सम्मान एवं आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में कई महत्वपूर्ण पहल की। राजधानी लखनऊ में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में उत्कृष्ट बुनकरों और कारीगरों को ‘संत कबीर राज्य स्तरीय हथकरघा पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया, जबकि विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को आर्थिक सहायता के चेक वितरित किए गए।
समारोह में मुख्यमंत्री हथकरघा एवं पावरलूम उद्योग विकास योजना तथा झलकारी बाई कोरी हथकरघा एवं पावरलूम विकास योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को सहायता राशि प्रदान की गई। इसके साथ ही हथकरघा उत्पादों की बिक्री और बाजार विस्तार को बढ़ावा देने के लिए प्रमुख क्रेता संस्थाओं के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर और आदान-प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि उत्तर प्रदेश का हथकरघा उद्योग प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और लाखों परिवारों की आजीविका का आधार है। सरकार का लक्ष्य बुनकरों को आधुनिक सुविधाएं, बेहतर विपणन व्यवस्था और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराकर इस पारंपरिक उद्योग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है।
इस अवसर पर पुरस्कार प्राप्त करने वाले बुनकरों और कारीगरों को बधाई देते हुए उनके कार्यों की सराहना की गई। साथ ही प्रदेश की समृद्ध हथकरघा परंपरा के संरक्षण और बुनकरों के कल्याण के लिए निरंतर प्रयास जारी रखने का संकल्प दोहराया गया।









