वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में चढ़ावे की गिनती, मंदिर प्रशासन की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता की मांग को लेकर शुक्रवार को बनारस बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। इसके बाद जिलाधिकारी के नाम संबोधित छह सूत्रीय ज्ञापन अपर जिलाधिकारी (एडीएम) को सौंपकर विभिन्न मांगों पर कार्रवाई की मांग की गई।
बनारस बार एसोसिएशन के महासचिव नित्यानंद राय ने आरोप लगाया कि मंदिर में चढ़ावे की गिनती की मौजूदा व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी नहीं है। उन्होंने मांग की कि नोटों की गिनती सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में कराई जाए और प्रतिदिन का पूरा लेखा-जोखा सार्वजनिक पोर्टल पर उपलब्ध कराया जाए, ताकि श्रद्धालु और आम नागरिक भी इसकी जानकारी प्राप्त कर सकें।
ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने पिछले पांच वर्षों के दौरान मंदिर प्रबंधन, निजी एजेंसियों तथा सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्तियों की जांच कराने की मांग भी उठाई। साथ ही लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों का नियमानुसार स्थानांतरण सुनिश्चित करने की भी बात कही गई।
प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व निर्देशों की भावना के अनुरूप मंदिर के बोर्ड ऑफ ट्रस्टी के पुनर्गठन, उसकी नियमित बैठकों और कार्यवाही को सार्वजनिक किए जाने की मांग की। इसके अलावा मंदिर परिसर में वीआईपी दर्शन व्यवस्था समाप्त करने, काशीवासियों के लिए अलग प्रवेश द्वार की व्यवस्था करने तथा दर्शन के नाम पर कथित दलाली करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी ज्ञापन में शामिल की गई।
महासचिव नित्यानंद राय ने कहा कि मंदिर प्रशासन और उससे जुड़ी विकास परियोजनाओं में पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है। उनका कहना था कि यदि संसाधनों का पारदर्शी ढंग से उपयोग हो तो काशी के विकास को और अधिक गति मिल सकती है।
फिलहाल अधिवक्ताओं द्वारा लगाए गए आरोपों और उठाई गई मांगों पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई है।













