वाराणसी। काशी विश्वनाथ धाम तक श्रद्धालुओं की पहुंच आसान बनाने और शहर के बढ़ते यातायात दबाव को कम करने के लिए वाराणसी में गंगा और वरुणा नदी के किनारे तीन बड़ी एलिवेटेड सड़क एवं पुल परियोजनाओं पर तेजी से काम शुरू हो गया है। इन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होने से पहले जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लेते हुए 19 गांवों और 34 मोहल्लों में जमीन की खरीद-बिक्री और रजिस्ट्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।
जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने संबंधित उप निबंधकों को निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि परियोजनाओं से प्रभावित क्षेत्रों में किसी भी प्रकार का भूमि पंजीकरण नहीं किया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि यह कदम भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को पारदर्शी और विवादमुक्त बनाने के लिए उठाया गया है।
पहली परियोजना के तहत भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) वरुणा नदी के किनारे रिंग रोड से राजघाट तक करीब 21.15 किलोमीटर लंबी फोरलेन एलिवेटेड सड़क का निर्माण करेगा। इस सड़क का मुख्य उद्देश्य काशी विश्वनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं को शहर की भीड़भाड़ से बचाते हुए सीधे गंगा तट तक पहुंच उपलब्ध कराना है। यह मार्ग चौकाघाट और पुराना पुल (सरैया) के पास शहर से जुड़ेगा और आगे राजघाट के निकट जीटी रोड से कनेक्ट होगा। भविष्य में इसे प्रस्तावित सिग्नेचर ब्रिज से जोड़ने की भी योजना है।
दूसरी परियोजना गंगापार क्षेत्र में प्रस्तावित रिवर फ्रंट डेवलपमेंट योजना से जुड़ी है। इसके तहत डोमरी से रामनगर तक छह लेन सड़क विकसित की जाएगी। यह सड़क सिपहिया घाट, डोमरी, प्रभुनारायण इंटर कॉलेज और एलबीएस अस्पताल क्षेत्र को आपस में जोड़ेगी। इस परियोजना को लेकर नगर निगम, जलकल विभाग, एनएचएआई और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा स्थलीय सर्वेक्षण भी किया जा चुका है।
तीसरी परियोजना के तहत सामनेघाट क्षेत्र में पहले से मौजूद गंगा पुल और विश्वसुंदरी पुल के बीच लगभग 10 किलोमीटर लंबा नया एलिवेटेड पुल बनाया जाएगा। इस पुल के निर्माण से शहर के दक्षिणी हिस्से में यातायात व्यवस्था और अधिक सुगम होगी तथा लोगों को लंबा चक्कर लगाने से राहत मिलेगी।
इन परियोजनाओं को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने शहरी क्षेत्र के 34 मोहल्लों में रजिस्ट्री पर रोक लगाई है। इनमें हुकुलगंज, शहरखास, पहाड़पुर, भरथरा, पिसौर, दनियालपुर, छितौनी, कोटवां, इंद्रपुर, सिकरौल, बड़ागांव प्रथम, खजुरी, घौसाबाद, चौकाघाट, जैतपुरा, काजीसादुल्लाहपुर, अलईपुर, मकदुमपुर, भदऊ, कज्जाकपुरा, कैंटोमेंट, जेलखाना, सूजाबाद, किलाकोहना, कोदोपुर, रामनगर, वाजिदपुर रमना, डोमरी, सीरगोवर्धनपुर, छित्तूपुर, भगवानपुर, नगवां और नरिया शामिल हैं।
इसके अलावा पिंडरा तहसील के 19 गांवों महादेवपुर, सरायकाजी, लुच्चेपुर, दुनियापुर, करोमा, धनेसरी, बैजलपट्टी, दासेपुर, कोइराजपुर, शहाबुद्दीनपुर, पश्चिमपुर, कोइरान, अहिरान, अगेनपुर, मंगलपुर, वाजिदपुर, प्रतापपट्टी और मंशापुर में भी जमीनों की खरीद-बिक्री पर फिलहाल रोक रहेगी।
प्रशासन का कहना है कि भूमि अधिग्रहण और परियोजनाओं से जुड़ी सभी औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी होने तक यह प्रतिबंध लागू रहेगा। अधिकारियों के अनुसार, इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद वाराणसी में यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार होगा और श्रद्धालुओं व पर्यटकों को काफी सुविधा मिलेगी।













