रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार श्रमिकों के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक उत्थान के लिए बड़े स्तर पर कार्य कर रही है। राज्य सरकार द्वारा श्रमिकों और उनके परिवारों की बेहतरी के लिए संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभाव अब व्यापक रूप से दिखाई देने लगा है। बीते दो वर्ष चार माह में श्रमिक हित की योजनाओं के माध्यम से लगभग 800 करोड़ रुपये सीधे लाभार्थियों के खातों में डीबीटी के जरिए हस्तांतरित किए जा चुके हैं, जिससे लाखों परिवारों को राहत मिली है।
श्रम विभाग के अंतर्गत छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल, असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल और श्रम कल्याण मंडल के जरिए श्रमिकों के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। सरकार की प्राथमिकता केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि श्रमिक परिवारों के बच्चों की शिक्षा, महिलाओं की सुरक्षा, आवास, स्वास्थ्य और रोजगार को भी मजबूती देना है।
इसी क्रम में अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत इस वर्ष श्रमिकों के 200 बच्चों को प्रदेश के प्रतिष्ठित निजी विद्यालयों में प्रवेश दिलाने की तैयारी की गई है। इसके अलावा मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना, मिनीमाता महतारी जतन योजना, मुख्यमंत्री श्रमिक औजार किट योजना, नोनी बाबू मेधावी शिक्षा प्रोत्साहन योजना, निर्माण श्रमिकों के बच्चों के लिए निःशुल्क गणवेश व पुस्तक सहायता, उत्कृष्ट खेल प्रोत्साहन योजना और श्रमिक आवास सहायता जैसी योजनाएं श्रमिक परिवारों के जीवन स्तर को नई दिशा दे रही हैं।
श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि राज्य सरकार की सोच स्पष्ट है—“हर हाथ को काम, उचित दाम और हर पेट को अन्न।” इसी उद्देश्य से शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना के तहत प्रदेश के विभिन्न जिलों में संचालित 38 भोजन केंद्रों में श्रमिकों को मात्र 5 रुपये में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार आने वाले समय में इस योजना का विस्तार प्रदेश के सभी जिलों में करेगी।
सरकार ने श्रमिक आवास सहायता राशि को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.50 लाख रुपये कर दिया है, वहीं ई-रिक्शा सहायता योजना में भी राशि वृद्धि की जा रही है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में श्रम विभाग के लिए 256 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान कर सरकार ने श्रमिक कल्याण के प्रति अपनी गंभीरता स्पष्ट कर दी है।
उल्लेखनीय है कि भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के तहत अब तक 33 लाख से अधिक श्रमिक पंजीकृत किए जा चुके हैं। मंडल द्वारा संचालित 26 योजनाओं के माध्यम से हजारों करोड़ रुपये श्रमिक हित में खर्च किए गए हैं।
औद्योगिक सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और सामाजिक सुरक्षा को भी सरकार विशेष प्राथमिकता दे रही है। कर्मचारी राज्य बीमा सेवाओं के लिए करोड़ों रुपये के बजट प्रावधान के साथ श्रमिकों और उनके परिवारों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
मजदूर दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि श्रमिक केवल विकास की धुरी नहीं, बल्कि राज्य की प्रगति के आधार स्तंभ हैं। श्रमिकों के सम्मान, सुरक्षा और समृद्धि के लिए सरकार की योजनाएं आने वाले समय में और व्यापक रूप से प्रभावी होंगी।













